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Ayodhya Ram Mandir : आस्था व श्रद्धा के पथ को मौसम की मार भी न रोक सकी
- 23 जनवरी से 4 फ़रवरी तक 34 लाख से ज्यादा रामभक्तों ने किए दर्शन
- राम मंदिर में दर्शन की अवधि प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक
- प्रतिदिन लाखों की संख्या में रामभक्त आ रहे राम मंदिर
आस्था की ड़गर इतनी ज्यादा मजबूत दिखी कि 4 फ़रवरी के दिन रविवार को सुबह से ही काफी मौसम खराब था, गलन के साथ सुबह से ही बारिश देर रात तक होती रही, किंतु रामभक्तों की भक्ति व उनकी आस्था के पथ जरा सा भी नहीं थमे और इस दिन लगभग तीन लाख से अधिक रामभक्तों ने रामलला के दर्शन किए।
अयोध्या में भगवान श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ राम मंदिर में विराजमान होने के उपरांत उनका दर्शन करने के लिए देश-दुनियाभर से लाखों की संख्या में रोज रामभक्त अयोध्या आ रहे हैं और सुबह भोर से ही इस शीतलहरी में भी दर्शन करने के लिए लम्बी-लम्बी कतारों में लगकर अपने प्रभु रामलला का दर्शन कर रहे हैं।
ट्रस्ट ने अयोध्या में भारी संख्या में आ रहे रामभक्तों के लिए श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन की अवधि प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक कर दी है। रामभक्तों के दर्शन का ये हाल है कि प्राण-प्रतिष्ठा के दूसरे दिन यानी कि 23 जनवरी से लेकर 4 फ़रवरी तक 34 लाख से अधिक रामभक्तों ने अपने आराध्य श्री रामलला के दर्शन किए।
22 जनवरी को रामलला राम मंदिर में विराजमान हुए। 23 जनवरी से राम मंदिर को भक्तों के लिए दर्शन के लिए खोल दिया गया और 23 जनवरी को ही 5 लाख से अधिक रामभक्तों ने रामलला के दर्शन कर लिए थे। साथ ही रोजाना रिकॉर्ड संख्या में देश के कोने-कोने से रामभक्त रामलला के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
अयोध्या धाम आ रहे देश के कोने-कोने व विदेशों से भारी संख्या में रामभक्तो को सुलभता से रामलला का दर्शन हों, इसके लिए राम मंदिर प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक रामभक्तों के लिए खुला रहता है। रामलला के विश्राम के समय भी राम मंदिर को रामभक्तों के लिए खुला रखा जाता है।
रामभक्त रामलला के दर्शन के लिए समय से कई घंटे पहले से ही लम्बी-लम्बी लाइन में लग जाते हैं। राम मंदिर में 23 जनवरी से 4 फ़रवरी तक प्रतिदिन दर्शन करने वाले अनुमानित रामभक्तों की संख्या। 23 जनवरी को 5 लाख, 24 जनवरी को 3.5 लाख, 25 जनवरी को 2.5 लाख, 26 जनवरी को 3.5 लाख, 27 जनवरी को 2.7 लाख, 28 जनवरी को 2 लाख, 29 जनवरी को 1.75 लाख, 30 जनवरी को 1.50 से ज्यादा और 31 जनवरी को लगभग 2 लाख से अधिक रामभक्तों ने रामलला के दर्शन किए।
1 फरवरी को स्थानीय बाजार की बंदी रहती है, जिस कारण से बाहर से आए हुए रामभक्तों के साथ-साथ स्थानीय रामभक्तों ने भी काफी संख्या में दर्शन किए, जिससे कुल रामभक्तों की संख्या लगभग 2 लाख 25 हजार तक पहुंच गई। 2 फ़रवरी को मौसम खुलने के कारण रामभक्तों की संख्या दो लाख रही। 3 फ़रवरी को भी इसी के आसपास रही।
4 फ़रवरी के दिन मौसम काफी खराब रहा और सुबह से ही गलन के साथ बारिश भी देर रात तक होती रही, लेकिन फ़िर भी रामभक्तों की संख्या में कमी नहीं दिखी। इस दिन रामलला के दर्शन करने वाले रामभक्तों की संख्या लगभग 3 लाख से अधिक रही और अभी ये आंकड़े आने वाले दिनों में और बढ़ेंगे।











