-
हिन्दी कविता : हे पार्थ तुम चुनाव करो...
समर्पण से सत्ता या संग्राम से शहीदी, हे मनुपुत्र तुम चुनाव करो... चाहत कदमबोसी की है, या फूंकोगे रणभेरी, हे पार्थ तुम ... -
सिर्फ मोदी ही हैं सटीक विकल्प
भाजपा की सभी इस बात पर खिंचाई करते हैं कि उसके नेता मुखर होकर अपने अंतर्विरोध प्रकट कर रहे हैं, पर क्या यही स्वस्थ ... -
ये होता है अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना
नरेंद्र मोदी को सावधान होना होगा। पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों से लग रहा है कि आडवाणी और उनके विश्वस्त सिपहसालार ... -
'गट्स' नहीं 'डबल गट्स' चाहिए मि. केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल जगह-जगह कहते फिरते हैं कि मुख्यमंत्री कि कुर्सी छोड़ने के लिए गट्स (guts) चाहिए। कोई इन्हें समझाए कि ... -
लोकतंत्र के डंके पे, मारो ऐसी चोट
कैसे बीतेंगे आने वाले पाँच बरस, यह तय करेगा आपका एक वोट, फिर ना कोई सोए भूखा, कि लोकतंत्र के डंके पे, मारो ऐसी चोट।
