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'गोलाइयां' दिखाकर गहराइयां नहीं मापी जा सकतीं
किसी भी फिल्म को देखकर उसके बारे में दो तरह से लिखा जा सकता है। एक तो फटाफट फर्स्ट डे फर्स्ट शो वाले अंदाज में, ... -
अंतिम इच्छा बताती है, कौन और क्या थे अनिल माधव दवे
अनिल दवे को जानने से पहले जरा उनकी अंतिम इच्छाओं के बारे में जान लीजिए... ये इच्छाएं उन्होंने 23 जुलाई 2012 को यानी ... -
अब कहां है अरुंधती रॉय और जेएनयू के क्रांतिवीर
चारों तरफ सन्नाटा है। आजादी के दीवानों को सांप सूघ गया है। सारी जबानों पर ताले लटक गए हैं। सारे चूहे बिलों में जा छिपे ... -
अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों नहीं आता...
आप सोच रहे होंगे कि मैंने शीर्षक शायद कुछ गलत लिख दिया है, क्योंकि सही शीर्षक तो 'अलबर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता ... -
मिशन इंदधनुष बना टीकाकरण का जनअभियान
भोपाल। मध्यप्रदेश में मिशन इंद्रधनुष के दूसरे चरण में व्यापक जनभागीदारी के कारण बच्चों के इस विशेष समग्र टीकाकरण अभियान ... -
भाजपा के लिए संजीवनी है झाबुआ की हार
मध्यप्रदेश के मतदाता बहुत चतुर सुजान निकले। उन्होंने रतलाम-झाबुआ लोकसभा और देवास विधानसभा के ताजा उपचुनाव में कांग्रेस ... -
शिक्षकों का पेट और बयानों के चने-फुटाने
हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार श्रीलाल शुक्ल ने अपनी सार्वकालिक रचना ‘राग दरबारी’ में शिक्षा प्रणाली को लेकर बहुत ही ... -
कभी उनकी नींद भी तो उड़ाइए
मैं जो लिखने जा रहा हूं, पहले ही बता दूं कि उसमें कोई नई बात नहीं है। मामला वही है जो बरसों से चला आ रहा है, वही पहले ... -
जिंदगी का सबब है जोड़ी नंबर वन
एक हिन्दी फिल्म का मशहूर डॉयलॉग है-‘एक चुटकी सिंदूर की कीमत तुम क्या जानो रमेश बाबू...’ बच्चों की जिंदगी में यही डॉयलॉग ... -
रोई होगी हरियाली, बुच के जाने पर
अपने हरे-भरे वातावरण के लिए देशभर में पहचाने जाने वाले भोपाल की हरियाली आज कुछ ज्यादा ही नम होगी। 40 डिग्री से अधिक के ... -
बुंदेलखंड में बचपन पर सबसे ज्यादा खतरा
मध्यप्रदेश से भले ही बीमारू का टैग धीरे-धीरे हट रहा हो लेकिन लगता है राज्य के पिछड़े इलाकों में शुमार बुंदेलखंड क्षेत्र ... -
आदिवासी जिलों में भगवान भरोसे हैं बच्चे
देश में सर्वाधिक आदिवासी आबादी वाले राज्यों में शुमार मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों में स्वास्थ्य की दृष्टि से ... -
टीकाकरण पर चाहिए माननीय का ध्यान
मध्यप्रदेश के 12 मंत्रियों के गृह जिलों में बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का औसत प्रदेश के औसत से भी कम है। मंत्रियों की यह ... -
महिला प्रतिनिधि धो सकती हैं कलंक का टीका
मध्यप्रदेश में महिला जनप्रतिनिधि यदि ठान लें तो राज्य के माथे पर लगा सबसे अधिक शिशु मृत्यु दर वाले प्रदेश का दाग धोया ... -
शिक्षा बचा रही बच्चों को मौत के मुंह से
शिक्षा के बढ़ते स्तर और जीवन स्तर में हो रहे लगातार सुधार ने मध्यप्रदेश में बच्चों को असमय मौत के मुंह में जाने से रोकने ... -
बच्चा ही नहीं मां के लिए भी जरूरी है टीका
आमतौर पर माना जाता है कि बीमारियों से बचाने के लिए जीवनरक्षक टीके केवल बच्चों के लिए ही जरूरी हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। ... -
मध्यप्रदेश में पूरा नहीं हो रहा टीकाकरण का लक्ष्य
मध्यप्रदेश में बच्चों और गर्भवती माताओं को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए चलाया जाने वाला टीकाकरण अभियान अपना लक्ष्य ... -
मध्यप्रदेश के संभागों में हालत खस्ता है टीकाकरण की
मध्यप्रदेश में शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से लगाए जाने वाले विभिन्न बीमारियों के जीवन रक्षक टीकों के मामले ... -
जानलेवा बन रही है टीकाकरण के प्रति लापरवाही
मध्यप्रदेश में आज भी गलत धारणाओं और अधंविश्वास के चलते कई बच्चे टीका लगने से वंचित रहने के कारण या तो गंभीर बीमारियों ... -
क्या आपके खून में नमक है?
बड़ा विचित्र समय है। सारी नैतिकताएं, सारी मान्यताएं, सारे शिष्टाचार और सारे आदर्श दरकिनार किए जा रहे हैं। कोई किसी को ...
