सूर्य उदय से सूर्यास्त तक सुनहरी गुलाबी बदलती किरणों को निहारकर शब्दों में किताबों में रचते रहे सदा। शब्दों का गुम हो जाना नामुमकिन-सा होता किताबें अमर होती जैसे अमर हुए अटलजी। अटलजी ने अनुभवों की झोली से साहित्य जगत को बांटा काव्य का प्रसाद। ...