किस ग्रह के लिए खाएं कौनसा भोजन, जिससे उनका शुभ फल मिल सके?

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आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आप ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ फल को कुछ खाकर शुभ फल में बदल सकते हैं। क्या सचमुच ऐसा हो सकता है? हां लेकिन इसके लिए आपको पहले यह देखना होगा कि कौनसा आपके लिए शुभ और कौनसा ग्रह अशुभ फल दे रहा है और यह भी कि कितनी मात्रा में यह ग्रहण करना चाहिए।...आओ जानते हैं कि किस तरह अन्न से ग्रहों को काबू में रखा जा सकता है।

1. सूर्य ग्रह : सूर्य की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए जातक को अपने आहार में गेहूं, आम, गुड़ आदि का उपयोग करना चाहिए और तांबे के लौटे में पानी पीना चाहिए।

2. चंद्र ग्रह : चन्द्रमा मन का कारक है अत: चन्द्रमा की अनुकूलता के लिए गन्ना, शकर, दूध और दूध से बने पदार्थ, आइसक्रीम और मिठाइयों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए और चांदी के गिलास में पानी पीना चाहिए।
3. मंगल ग्रह : आपकी कुंडली में यदि मंगल अशुभ है तो अपने आहार में गुड़, मसूर की दाल, अनार, जौ और शहद का उपयोग कर सकते हैं। पानी पीने के लिए भी तांबा या पीतल का उपयोग कर सकते हैं।

4. बुध ग्रह : बुध ग्रह हमारे व्यापार और उद्योग को संचालित करता है। यदि यह कुंडली के नीच भाव में बैठकर अशुभ फल दे रहा है तो मटर, जुवार, कुलपी, हरी दालें, मूंग, हरी सब्जियां आहार में लेनी चाहिए। चांदी के गिलास में पानी पी सकते हैं।
5. गुरु ग्रह : यदि गुरु या बृहस्पति ग्रह आपकी कुंडली में अशुभ फल दे रहा है तो चना, चना दाल, बेसन, मक्का, केला, हल्दी, सेंधा नमक, पीली दालें और फलों को अपने में शामिल करें और पीतल के गिलास में पानी पीएं।

6. शुक्र ग्रह : शुक्र ग्रह जब नीच का होकर अशुभ फल देने लगे तो त्रिफला, दाल चीनी, कमलगट्टा, मिश्री, मूली और सफेद शलजम का प्रयोग करना चाहिए और चांदी या कांच के गिलास में पानी पी सकते हैं।
7. शनि ग्रह : शनि ग्रह का अशुभ फल जातक को पीड़ा देता है। इसकी अनुकुलता के लिए भोजन में तिल, उड़द, कालीमिर्च, मूंगफली का तेल, अचार, लौंग, तेजपत्ता तथा काले नमक का उपयोग करना चाहिए।

8. व 9. छाया ग्रह राहु और केतु : राहु और केतु की पीड़ा से बचने के लिए उड़द, तिल और सरसों का प्रयोग लाभदायक रहता है।

अन्य उपाय : रविवार को चना, सोमवार को खीर अथवा दूध, मंगलवार को चूरमा तथा हलवा, बुधवार को हरी सब्जी, गुरुवार को चने की दाल अथवा बेसन का प्रयोग, शुक्रवार को मीठा दही और शनिवार को उड़द का सेवन करने से सभी ग्रह प्रसन्न रहते हैं।
नोट : उपरोक्त कार्य को अपनाने से पूर्व किसी लाल किताब के विशेषज्ञ को अपनी कुंडली जरूर दिखा लें। माना जाता है कि किसी ग्रह के सभी तरह के प्रभाव को नष्ट करने के लिए उस ग्रह से संबंधित वस्तुओं का सेवन किया जाता है। अत: यह जानना जरूरी है कि आपकी कुंडली में किसी ग्रह को नष्ट करना है या कि नहीं?



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