आज के मुहूर्त (29.9.2010)
बुधवार, 29 सितंबर 2010
आज आपका दिन मंगलमयी रहे यही शुभकामना है। वेबदुनिया प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- शरद, मास- आश्विन, पक्ष- कृष्ण, तिथि- षष्ठी रात्रि 10.09 पश्चात सप्तमी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शव्वाल, तारीख- 20, नक्षत्र- रोहिणी रात्रि 08.09 पश्चात मृगशिरा, योग- सिद्धि सायं 04.08 पश्चात व्यतिपात, सूर्योदयकालीन करण- गरज, चन्द्रमा- वृषभ राशि में दिवसपर्यंत रहेंगे।
ग्रह योग- पितृपक्ष जारी है।
दिन- सामान्य।
दिन का पर्व- षष्ठी श्राद्ध।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
उपयोगी ज्ञान- पंचक में भाई दूज होने का कोई दोष नहीं लगता है।
कार्य की अनुकूलता के लिए- फल का दान करें।
शुभ समय- प्रात: 08.39-09.41, सायं 05.05-06.03। श्राद्ध का समय दिन 1.30 से 03.34 तक।
सुझाव- यदि जरूरी नहीं हो तो दिन 12.16-01.46 के बीच शुभ कार्य टालें।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- शरद, मास- आश्विन, पक्ष- कृष्ण, तिथि- षष्ठी रात्रि 10.09 पश्चात सप्तमी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शव्वाल, तारीख- 20, नक्षत्र- रोहिणी रात्रि 08.09 पश्चात मृगशिरा, योग- सिद्धि सायं 04.08 पश्चात व्यतिपात, सूर्योदयकालीन करण- गरज, चन्द्रमा- वृषभ राशि में दिवसपर्यंत रहेंगे।
ग्रह योग- पितृपक्ष जारी है।
दिन- सामान्य।
दिन का पर्व- षष्ठी श्राद्ध।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
उपयोगी ज्ञान- पंचक में भाई दूज होने का कोई दोष नहीं लगता है।
कार्य की अनुकूलता के लिए- फल का दान करें।
शुभ समय- प्रात: 08.39-09.41, सायं 05.05-06.03। श्राद्ध का समय दिन 1.30 से 03.34 तक।
सुझाव- यदि जरूरी नहीं हो तो दिन 12.16-01.46 के बीच शुभ कार्य टालें।

