आज के मुहूर्त (21.7.2010)
बुधवार, 21 जुलाई 2010
आज आपका दिन मंगलमयी रहे यही शुभकामना है। वेबदुनिया प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त : शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- वर्षा, मास- आषाढ़, पक्ष- शुक्ल, तिथि- एकादशी, रात्रि 25.47 पश्चात द्वादशी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शाबान, तारीख- 08, नक्षत्र- अनुराधा, रात्रि 25.15 पश्चात ज्येष्ठा, योग- शुक्ल, रात्रि 10.27 पश्चात ब्रह्मा, सूर्योदयकालीन करण- वणिज, चन्द्रमा- वृश्चिक राशि में दिवसपर्यंत रहेंगे।
दिन- सामान्य।
मुहूर्त- संयम संकल्प का मुहूर्त।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
दिन का पर्व- देवशयनी एकादशी, संन्यासियों का चातुर्मास्यारंभ, पंढरपुर यात्रा।
उपयोगी ज्ञान- घर में मृत पशुओं के अंग रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
कार्य की अनुकूलता के लिए- प्रातःकाल कम से कम 20 मिनट मौन रहें।
शुभ समय- प्रातः 7.06-9.11, दिन 3.19-5.13।
सुझाव- यदि संभव हो तो दिन में 3.46 से 5.26 के मध्य महत्वपूर्ण कार्य न करें।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त : शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- वर्षा, मास- आषाढ़, पक्ष- शुक्ल, तिथि- एकादशी, रात्रि 25.47 पश्चात द्वादशी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शाबान, तारीख- 08, नक्षत्र- अनुराधा, रात्रि 25.15 पश्चात ज्येष्ठा, योग- शुक्ल, रात्रि 10.27 पश्चात ब्रह्मा, सूर्योदयकालीन करण- वणिज, चन्द्रमा- वृश्चिक राशि में दिवसपर्यंत रहेंगे।
दिन- सामान्य।
मुहूर्त- संयम संकल्प का मुहूर्त।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
दिन का पर्व- देवशयनी एकादशी, संन्यासियों का चातुर्मास्यारंभ, पंढरपुर यात्रा।
उपयोगी ज्ञान- घर में मृत पशुओं के अंग रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
कार्य की अनुकूलता के लिए- प्रातःकाल कम से कम 20 मिनट मौन रहें।
शुभ समय- प्रातः 7.06-9.11, दिन 3.19-5.13।
सुझाव- यदि संभव हो तो दिन में 3.46 से 5.26 के मध्य महत्वपूर्ण कार्य न करें।

