आज के मुहूर्त (20.10.2010)
बुधवार, 20 अक्टूबर 2010
आज आपका दिन मंगलमयी रहे यही शुभकामना है। वेबदुनिया प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- शरद, मास- आश्विन, पक्ष- शुक्ल, तिथि- त्रयोदशी रात्रि 03.42 पश्चात चतुर्दशी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- जिल्काद, तारीख- 11, नक्षत्र- पूर्वाभाद्रपद दिन 03.34 पश्चात उत्तराभाद्रपद, योग- ध्रुव रात्रि 10.32 पश्चात व्याघात, सूर्योदयकालीन करण- कौलव, चन्द्रमा- रात्रि 8.53 पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रह योग- पंचक जारी है। शुक्र अस्त होंगे।
दिन- शुभ।
मुहूर्त- वाहन क्रय करने का मुहूर्त।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
दिन का पर्व- प्रदोष व्रत।
कार्य की अनुकूलता के लिए- किसी धार्मिक ग्रंथ का कम से कम 24 मिनट पाठ करें।
उपयोगी ज्ञान- अनुपयोगी वस्तु की सफाई करके उसका प्रतिकात्मक प्रयोग करके रखने से उसमें नकारात्मक ऊर्जा की संभावना नहीं रहती है।
शुभ समय- प्रात: 09.06 से 11.07, दिन 03.40-05.26 तक।
सुझाव- यदि जरूरी नहीं हो तो दिन 12.11-01.37 के बीच शुभ कार्य टालें।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- शरद, मास- आश्विन, पक्ष- शुक्ल, तिथि- त्रयोदशी रात्रि 03.42 पश्चात चतुर्दशी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- जिल्काद, तारीख- 11, नक्षत्र- पूर्वाभाद्रपद दिन 03.34 पश्चात उत्तराभाद्रपद, योग- ध्रुव रात्रि 10.32 पश्चात व्याघात, सूर्योदयकालीन करण- कौलव, चन्द्रमा- रात्रि 8.53 पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
ग्रह योग- पंचक जारी है। शुक्र अस्त होंगे।
दिन- शुभ।
मुहूर्त- वाहन क्रय करने का मुहूर्त।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
दिन का पर्व- प्रदोष व्रत।
कार्य की अनुकूलता के लिए- किसी धार्मिक ग्रंथ का कम से कम 24 मिनट पाठ करें।
उपयोगी ज्ञान- अनुपयोगी वस्तु की सफाई करके उसका प्रतिकात्मक प्रयोग करके रखने से उसमें नकारात्मक ऊर्जा की संभावना नहीं रहती है।
शुभ समय- प्रात: 09.06 से 11.07, दिन 03.40-05.26 तक।
सुझाव- यदि जरूरी नहीं हो तो दिन 12.11-01.37 के बीच शुभ कार्य टालें।

