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आज का मुहूर्त
27 January Muhurat
Written By
पं. उमेश दीक्षित
27 जनवरी 2019 के शुभ मुहूर्त
लेखक के बारे में
पं. उमेश दीक्षित
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चातुर्मास कब से होंगे प्रारंभ, क्या है इसका महत्व?
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। इसी दिन चार माह के लिए देव सो जाते हैं। देवशयनी एकादशी से ही चातुर्मास प्रारंभ होता है जो देवउठनी एकादशी तक रहता है। हिंदू धर्म और पंचांग में चातुर्मास (चार महीने की अवधि) का बहुत बड़ा आध्यात्मिक महत्व है। इस दौरान ऋषि-मुनि, साधु-संत और आम श्रद्धालु व्रत, साधना और आत्म-संयम का पालन करते हैं। वर्ष 2026 में चातुर्मास की शुरुआत और इसके महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण, जानिए प्रभाव और अचूक उपाय
29 अप्रैल 2022 को साढ़ेसाती प्रारंभ हुई थी। 29 मार्च 2025 से मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है, जो कि सबसे कष्टकारी माना जाता है। 8 अगस्त 2029 को मीन राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। जानिए ज्योतिष के अचूक उपाय।
केतु का सिंह राशि में चल रहा है गोचर, 3 राशियां रहेंगी टॉप पर, अभी भी कर लें ये 5 उपाय
छाया ग्रह केतु ग्रह ने 18 मई 2025 को सूर्य की सिंह राशि में प्रवेश किया था। मेष, वृषभ, कन्या, तुला और धनु राशि के लिए राहु का गोचर शुभ रहेगा, लेकिन बाकी राशियों को संभलकर रहना होगा। इसी प्रकार मिथुन, तुला और धनु राशि के लिए भी केतु का सिंह में गोचर शुभ माना जा रहा है।
शनि की साढ़ेसाती के प्रथम चरण में मेष राशि, क्या बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगा लाभ?
Mesh rashifal sadhesati: मेष राशि जातकों के लिए साढ़ेसाती का प्रारंभ 29 मार्च 2025 से ही हो चला रहा है। वर्तमान में वर्ष 2026 और 2027 में भी इस का प्रभाव रहेगा। मेष राशि के 12वें भाव और मीन राशि में शनि के होने से साढ़ेसाती का प्रथम चरण प्रारंभ हुआ था। यह साढ़ेसाती 2032 तक रहेगी। चलिए जानते हैं इस साढ़ेसाती का प्रभाव और इससे बचने के 5 अचूक उपाय।
दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें
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