सोमवती अमावस्या कब है जानिए शुभ-अशुभ संयोग

Somvati Amavasya
Last Updated: बुधवार, 26 जनवरी 2022 (09:45 IST)
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2022: सोमवार के दिन आने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। वर्ष 2022 की पहली सोमवती अमावस्या 31 जनवरी को है जिसे श्राद्ध की अमावस्या कहा गया है। पंचांग गणना के अनुसार 31 जनवरी को दोपहर में 2 बजकर 19 मिनट तक चतुर्दशी तिथि है। इसलिए दूसरे दिन भी अर्थात 1 फरवरी को भी अमावस्या रहेगी, जिसे मौनी और माघी अमावस्या कहा गया है। आओ जानते हैं सोमवती अमावस्या के शुभ-अशुभ संयोग।

सोमवती अमावस्या की तिथि
अमावस्या आरंभ: 31 जनवरी, सोमवार, दोपहर 2:20 मिनट से
अमावस्या समाप्त: 1 फरवरी, मंगलवार, प्रातः11:16 मिनट तक।

- उत्तराषाढ़ा और श्रावण नक्षत्र में वज्र योग के बाद सिद्ध योग बनेगा।
- अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:18 से 01:02 बजे तक रहेगा।
- विजय मुहूर्त : दोपहर 02:01 से 02:45 बजे तक रहेगा।
- अमृत काल : शाम 04:12 से 05:38 तक रहेगा।
- गोधूलि मुहूर्त : शाम 05:30 से 05:54 तक रहेगा।
- सर्वार्थसिद्धि योग- 31 जनवरी को रात्रि 09:57 बजे से 1 फरवरी प्रात: 07:10 तक रहेगा।

- सिद्ध योग के बाद व्यातीपात बनेगा।
- राहु काल प्रात: 8:33 से 9:55 तक रहेगा।
- यम गण्ड सुबह 11:18 से दोपहर 12:40 तक।

इस दिन क्या करें :
- सोमवती अमावस्या के दिन गंगा स्नान करें।
- श्राद्ध और पितृ तर्पण करें।
- पीपल के वृक्ष का पूजन करें और उनकी 108 परिक्रमा करके पीले रंगा का धागा बांधें।
- गरीबों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
- इस दिन शनि मंत्र का पाठ करने से लाभ मिलेगा।




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