biodatamaker
✕

माता शीतला को प्रसन्न करना है तो पूजन से पहले जान लीजिए ये 20 खास बातें

Updated: शनिवार, 3 अप्रैल 2021 (09:35 IST)
Sheetla Mata Worship
 
शीतला सप्तमी-अष्टमी के एक दिन पहले मीठा भात (ओलिया), खाजा, चूरमा, मगद, नमक पारे, शक्कर पारे, बेसन चक्की, पुए, पकौड़ी,राबड़ी, बाजरे की रोटी, पूड़ी, सब्जी आदि बना लें। कुल्हड़ में मोठ, बाजरा भिगो दें। इनमें से कुछ भी पूजा से पहले नहीं खाना चाहिए।
 
माता जी की पूजा के लिए ऐसी रोटी बनानी चाहिए जिनमें लाल रंग के सिकाई के निशान नहीं हों। इसी दिन यानि सप्तमी के एक दिन पहले छठ को रात को सारा भोजन बनाने के बाद रसोईघर की साफ सफाई करके पूजा करें। रोली, मौली, पुष्प, वस्त्र आदि अर्पित कर पूजा करें। इस पूजा के बाद चूल्हा नहीं जलाया जाता। 
 
1 . शीतला सप्तमी-अष्टमी के एक दिन पहले नौ कंडवारे, एक कुल्हड़ और एक दीपक कुम्हार के यहां से मंगवा लेने चाहिए।
 
 2. बासोड़े के दिन सुबह जल्दी उठकर ठंडे पानी से नहाएं।
 
3. एक थाली में कंडवारे भरें। कंडवारे में थोड़ा दही, राबड़ी, चावल (ओलिया), पुआ, पकौड़ी, नमक पारे, रोटी, शक्कर पारे,भीगा मोठ, बाजरा आदि जो भी बनाया हो रखें। 
 
4. एक अन्य थाली में रोली, चावल, मेहंदी, काजल, हल्दी, लच्छा (मोली), वस्त्र, होली वाली बड़कुले की एक माला व सिक्का रखें।
 
5. शीतल जल का कलश भर कर रखें। 
 
6. पानी से बिना नमक का आटा गूंथकर इस आटे से एक छोटा दीपक बना लें। इस दीपक में रुई की बत्ती घी में डुबोकर लगा लें ।
 
7. यह दीपक बिना जलाए ही माता जी को चढ़ाया जाता है।  
 
8. पूजा के लिए साफ सुथरे और सुंदर वस्त्र पहनने चाहिए।
 
9. पूजा की थाली पर, कंडवारों पर तथा घर के सभी सदस्यों को रोली, हल्दी से टीका करें। खुद के भी टीका कर लें।
 
10. हाथ जोड़ कर माता से प्रार्थना करें हे माता, मान लेना और शीली ठंडी रहना।
 
11. इसके बाद मन्दिर में जाकर पूजा करें। यदि शीतला माता घर पर हो तो घर पर पूजा कर सकते हैं।
 
12. सबसे पहले माता जी को जल से स्नान कराएं।
 
13. रोली और हल्दी से टीका करें।
 
14. काजल, मेहंदी, लच्छा, वस्त्र अर्पित करें।
 
15. पूजन सामग्री अर्पित करें। 
 
16. बड़बुले की माला व आटे का दीपक बिना जलाए अर्पित करें।
 
17. आरती या गीत आदि गा कर मां की अर्चना करें। 
 
18. अंत में वापस जल चढ़ाएं और चढ़ाने के बाद जो जल बहता है, उसमें से थोड़ा जल लोटे में डाल लें। यह जल पवित्र होता है। इसे घर के सभी सदस्य आंखों पर लगाएं। थोड़ा जल घर के हर हिस्से में छिड़कना चाहिए। इससे घर की शुद्धि होती है पॉजिटिव एनर्जी आती है।
 
19. इसके बाद जहां होलिका दहन हुआ था वहां पूजा करें। थोड़ा जल चढ़ाएं,पूजन सामग्री चढ़ाएं। 
 
20. घर आने के बाद पानी रखने की जगह पर पूजा करें। मटकी की पूजा करें। बचा सारा सामान कुम्हारी को, गाय को और ब्राह्मणी को दें।
 
इस प्रकार शीतला माता की पूजा संपन्न होती है। ठंडे व्यंजन सपरिवार मिलजुल कर खाएं और शीतला माता पर्व का आनंद उठाएं।

ALSO READ: Sheetala Ashtami 2021 : कब है शीतला अष्टमी, बसौड़ा पर्व, जानिए पूजन के मुहूर्त एवं विधि

ALSO READ: Shitala Mata Katha : शीतला माता की कथा

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

भौम प्रदोष व्रत के दिन कर्ज से मुक्ति पाने के लिए कौन-कौन से विशेष उपाय और पूजन किए जाते हैं?

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल- 14 अक्‍टूबर, 2026

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 अक्‍टूबर 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

14 October Birthday: आपको 14 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

बुध का विशाखा नक्षत्र में गोचर, 6 राशियों के लिए नौकरी और कारोबार में तरक्की के योग, करें 3 उपाय

अगला लेख