सम्बंधित जानकारी
- रूप चतुर्दशी पर निखारिए अपना रूप, आपके लिए खास 5 प्रकार के उबटन
- नरक चतुर्दशी के दिन नरकासुर से श्रीकृष्ण ने ऐसे बचाया था 16100 कन्याओं को
- रूप चतुर्दशी के शुभ मुहूर्त : सुंदरता निखरेगी दिनों दिन, इस खास समय पर करें स्नान
- इन 10 बातों से जानिए कैसे करें श्री गणेश को अपने धाम के लिए विदा, पढ़ें सही विधि
- कार्तिक कृष्ण पक्ष का पाक्षिक पंचांग : 27 अक्टूबर को करवा चौथ, 7 नवंबर को दीपावली
नरक चतुर्दशी 2018 यहां पढ़ें पूजन के शास्त्रोक्त नियम व विधान। Naraka Chaturdashi 2018
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इसके पीछे दो विभिन्न परंपरा हैं।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन चंद्र उदय या अरुणोदय (सूर्य उदय से सामान्यत: 1 घंटे 36 मिनट पहले का समय) होने पर नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। हालांकि अरुणोदय पर चतुर्दशी मनाने का विधान सबसे ज्यादा प्रचलित है।
यदि दोनों दिन चतुर्दशी तिथि अरुणोदय अथवा चंद्र उदय का स्पर्श करती है तो नरक चतुर्दशी पहले दिन मनाने का विधान है। इसके अलावा अगर चतुर्दशी तिथि अरुणोदय या चंद्र उदय का स्पर्श नहीं करती है तो भी नरक चतुर्दशी पहले ही दिन मनानी चाहिए।
नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले चंद्र उदय या फिर अरुणोदय होने पर तेल अभ्यंग( मालिश) और यम तर्पण करने की परंपरा है। ऐसा करने से आरोग्य व समृद्धि प्राप्त होती है।
