नरक चतुर्दशी पर 14 दीपक क्यों और कहां जलाए जाते हैं, जानिए क्या होगा फायदा

Narak Chaturdashi 2021: दीपावली के 5 दिनी उत्सव में धनतेरस के बाद नरक चतुर्दशी ( ) मनाई जाती है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी कहते हैं। इस दिन को छोटी दिवाली, ( Roop Chaudas ) और ( ) भी कहा जाता है। कृष्‍ण चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि भी कहते हैं। आओ जानते हैं इस दिन 14 दीपक क्यों और कहां जाना चाहिए।


1. इस दिन श्रीकृष्ण ने भौमासुर अर्थात नरकासुर का वध किया था और उसकी कैद से लगभग 16 हजार महिलाओं को मुक्त कराया था। इसी खुशी के कारण दीप जलाकर उत्सव मनाया जाता है।

2. इसी दिन यम की पूजा करने के बाद शाम को दहलीज पर उनके निमित्त दीप जलाएं जाते हैं जिससे अकाल मृत्यु नहीं होती है।

3. इस दिन सूर्यास्त के पश्चात लोग अपने घरों के दरवाजों पर 14 दीये जलाकर दक्षिण दिशा में उनका मुख करके रखते हैं तथा पूजा-पाठ करते हैं।
4. इस दिन 14 दीपक प्रज्वलित करते से सभी तरह के बंधन, भय और दरिद्रता से मुक्ति मिल जाती है।

5. त्रयोदशी पर 13, चतुर्दशी पर 14 और अमावस्या पर 15 दीपक जलाने की परंपरा है।



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