Narak Chaturdashi
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Chaturdashi 2021 : चतुर्दशी व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, शुभ योग और अशुभ समय

Updated: शुक्रवार, 17 दिसंबर 2021 (12:36 IST)
हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार चतुर्दशी तिथि (chaturdashi 2021) प्रत्येक मास में दो बार आती है। एक पूर्णिमा के बाद और एक अमावस्या के बाद। पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्दशी को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी और अमावस्या के बाद आने वाली चतुर्दशी को शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी कहते हैं। हिंदू पंचांग की चौदहवीं तिथि को चतुर्दशी या चौदस कहते हैं। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं। इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ शिव परिवार के सभी सदस्यों की पूजन-अर्चन किया जाता है। 
 
पंचांग के अनुसार शुक्रवार, 17 दिसंबर 2021 को चतुर्दशी व्रत शुभ मुहूर्त और शुभ योग मनाया जा रहा है। आज जहां कृतिका नक्षत्र पूर्वाह्न 10.40 मिनट तक रहा, तत्पश्चात रोहिणी नक्षत्र का आरंभ होगा। आज प्रातः 08.13 मिनट तक सिद्ध योग के बाद साध्य योग रहेगा तथा गर करण योग सायं 06.03 मिनट तक, उसके बाद वणिज करण का आरंभ होगा। आज के दिन भगवान शिव की विशेष उपासना, पूजन-अभिषेक करना विशेष लाभप्रद रहेगा। 
 
पूजन विधि- Chaturdashi Puja Vidhi
 
- चतुर्दशी के दिन सुख-शांति की कामना से शिव का पूजन किया जाता है। 
- इस दिन शिव पर पुष्प चढ़ाने तथा शिव के मंत्रों के जप का विशेष महत्व माना गया है। 
- पूरे विधि-विधान एवं मंत्र जाप से शिव की पूजा करने से मनुष्य सांसारिक बंधन से मुक्त हो जाता है। 
- आज शिव-पार्वती की पूजा करने के बाद रात्रि जागरण तथा अगले दिन प्रात: स्नानादि से निवृत होकर पूजन करके ब्राह्मण को दान-दक्षिणा दें। 
- फिर पारण करके व्रत को पूरा करें।
 
चतुर्दशी मंत्र- Chaturdashi Mantra
 
- 'ॐ नम: शिवाय'। 
- 'शिवाय नम:'।
- 'ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः ॐ'। जीवन में कठिन समस्या उत्पन्न होने पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके 1 लाख मंत्र जप करना चाहिए। 
- महामृत्युंजय मंत्र- 'ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ'। 
 
शुक्रवार,  17 दिसंबर 2021- शुभ समय एवं शुभ योग- todays panchang n shubh muhurat 
 
सूर्योदय का समय- सुबह 07.08 मिनट पर। 
सूर्यास्त का समय- सायं 05.27 मिनट पर। 
आज के दिन चतुर्दशी तिथि सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन 07.25 मिनट तक रहेगी, तत्पश्चात पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ होगी। 
आज विजय मुहूर्त- दोपहर 02.01 मिनट से 02.42 मिनट तक। 
निशीथ काल समय- मध्‍यरात्रि 11.50 से 12.45 मिनट तक। 
गोधूलि बेला- शाम 5.17 मिनट से 5.41 मिनट तक। 
अमृत काल- सुबह 7.58 से 9.47 मिनट तक। 
रवि योग- सुबह 10.41 मिनट से शनिवार, 18 दिसंबर को 07.08 मिनट तक रहेगा। 
 
आज का अशुभ समय- Chaturdashi Ashubh Time 
 
दुर्मुहूर्त काल- सुबह 09.11 मिनट से 09.53 मिनट तक तथा दोपहर 12.38 मिनट से 01.19 मिनट तक।
आज का राहु काल- 10.30 मिनट से 12 बजे तक। 
गुलिक काल- सुबह 07.30 मिनट से 09 बजे तक। 
यमगंड- दोपहर 3.30 मिनट से 4.30 मिनट तक। 

Lord Shiva Worship
 


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