कुंभ 2019 का संपूर्ण वार्षिक भविष्यफल : धन-संपत्ति, घर-परिवार, परीक्षा-प्रतियोगिता-करियर और सेहत जानिए सब एक साथ
कुंभ राशि के जातक दार्शनिक, उदार होते हैं। आकर्षक और व्यवहार कुशल होने से मित्र जल्दी बनाते हैं। लेकिन सबके सामने अपनी प्रतिभा को व्यक्त करने में शरमाते हैं।
कुंभ राशि वाले उत्तम कदकाठी के होते हुए इकहरे शरीर वाले होते हैं। सुंदरता शनि व राशि पर पड़ने वाले ग्रहों के आधार पर होती है। ये परिश्रमी व कार्य में अधिक सफल होते हैं। राजनीति में हो तो सफलता इनके कदम चूमती है।
कुंभ राशि : जवाबदारी बढ़ेगी। मेहनत अधिक होगी। सहयोग मिल सकता है।
व्यवसाय- नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। अच्छा स्थान प्राप्त हो सकता है। आय के नए स्रोत प्राप्त होंगे। नए उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बनेगी। जोखिम न लें। विवेक से कार्य करें। किसी पारिवारिक व्यवसाय की जवाबदारी बढ़ सकती है। व्यापार अनुकूल रहेगा। रोजगार मिलेगा। बाहरी मदद मिल सकती है।
धन-संपत्ति- स्थायी संपत्ति में पारिवारिक विभाजन से वृद्धि हो सकती है। संपत्ति को उपयोगी बनाने तथा नवीनीकरण पर व्यय होगा। मशीनरी का बदलाव भी हो सकता है। बड़े खर्च सामने आएंगे। संचित कोष बना रहेगा। देनदारी बढ़ सकती है। पूंजी की व्यवस्था में अधिक प्रयास करना पड़ेंगे।
घर-परिवार- परिवार के वृद्धजनों की देखभाल तथा व्यय बढ़ेंगे। पारिवारिक कार्यों में मदद करना पड़ सकती है। छोटे सदस्यों की जवाबदारी बढ़ेगी। संतान पक्ष की चिंता रहेगी। मांगलिक कार्य होंगे। भाइयों से मतभेद हो सकता है। उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। विवेक से कार्य करें।
स्वास्थ्य- अनियमितता तथा तनाव स्वास्थ्य को प्रभावित करेंगे। डायबिटीज, रक्ताल्पता व रक्त संबंधी रोग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर अच्छा स्वास्थ्य रहेगा। इच्छाशक्ति में वृद्धि होगी। नियमित जीवन तथा योग तथा प्राणायाम से सुधार होगा। तनाव से मुक्ति पाना होगी।
परीक्षा-प्रतियोगिता-करियर- मनचाहा स्थान तथा विषय वर्ष के पूर्वार्द्ध में मिल सकता है। उत्तरार्द्ध में मुश्किलें आएंगी। एकाग्रता में कमी होगी। अध्ययन के लिए समय नहीं दे पाएंगे। किसी विशिष्ट व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त हो सकता है।
यात्रा-प्रवास-तबादला- इच्छित स्थान पर तबादला करवाने में विशेष प्रयास करना पड़ेंगे। प्रतिद्वंद्विता आड़े आएगी। अप्रत्याशित कार्य हो सकते हैं। लाभ के अवसर मिलेंगे। छोटी-मोटी यात्राएं होंगी। घर से दूर जाना पड़ सकता है।
धार्मिक कार्य- तीर्थयात्रा के योग हैं। कोई नया अनुष्ठान करने का मन बनेगा। सफलता प्राप्त होगी। ईष्टदेव की उपासना नियमित होगी।
कल्याणकारी उपाय- पीपल तथा वटवृक्ष लगाकर उसकी समुचित देखभाल करें। पीपल में जल चढ़ाएं। गरीबों को अन्न-वस्त्र दान करें। किसी वृद्धाश्रम में वृद्धजनों की देखभाल करें। कष्ट कम होंगे।
लेखक के बारे में
पं. उमेश दीक्षित