तूने सँवारी जिंदगी

NDND
तू है मेरी जिंदगी
तू है वो सहारा
जिसे पकड़कर बढ़ती चली मैं
बन लता लिपटती गई तुझ पर
जिंदगी की मझधार में
तुने मुझे जूझना सिखाया
दी कि बन सकती है तू कुछ
बस कर तू खुद पर यकीं।

गर तू न होता तो
खो देती मैं अपना वजूद
जीती उस आम औरत की तरह
जो गुजार देती है अपना जीवन
सभी की सेवा-चाकरी में
खुशियाँ ने दी दस्तक
तेरे आने से
खुले सफलताओं के द्वार

दोस्त, तू कही भी है
पर तेरा अहसास मुझमें है
तेरी वो समझाइश
याद है मुझे
रिश्तों के इस पायदान पर
न मिलने का गम तो है
पर मेरी ऊर्जा व ताकत बन
गायत्री शर्मा|
आज भी तू मेरे संग है।



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