...जब चोर बने गोस्वामी तुलसीदास के शिष्य

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एक बार रात्रि को कहीं से लौट रहे थे कि सामने से कुछ आते दिखाई दिए।
चोरों ने तुलसीदास जी से पूछा - 'कौन हो तुम?'
उत्तर मिला - 'भाई, जो तुम सो मैं। चोरों ने उन्हें भी चोर समझा, बोले- मालूम होता है, नए निकले हो। हमारा साथ दो।



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