65 लाख के मालिक निशंक 'बेकार'

देहरादून| भाषा| पुनः संशोधित गुरुवार, 12 जनवरी 2012 (00:55 IST)
उत्तराखंड में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपों के चलते एकाएक पद से हटाए गए पूर्व मुख्यमंत्री के पास मात्र 64 लाख 89 हजार 877 रुपए की चल अचल सम्पत्ति है।

निशंक को मात्र चार महीने पूर्व ही भाजपा नेतृत्व ने बिना कोई कारण बताए मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह जबरदस्त चर्चा रही कि निशंक को कथित घोटाले के चलते उनके पद से हटाया गया। निशंक इन आरोपों को हमेशा खंडन करते रहे, लेकिन भाजपा आलाकमान ने उनके पूर्ववर्ती भुवनचंद्र खंडूरी को न केवल मुख्यमंत्री बना दिया बल्कि चुनावी कमान भी उन्हीं को सौंप दी थी।

देहरादून जिले के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में कल नामांकन भरने वाले निशंक ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपने शपथपत्र में कहा है कि उनके पास चल-अचल मिलाकर कुल 64 लाख 89 हजार 877 रुपए की सम्पत्ति है। हालांकि, शपथपत्र के अनुसार उनकी पत्नी कुसुम पोखरियाल के पास भी 64 लाख 85 हजार 949 रुपए के सम्पत्ति है।

निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शपथपत्र के अनुसार आज से चंद दिनों तक राजकीय हेलिकॉप्टर तथा बारह-बारह सरकारी कारों के काफिले में चलने वाले निशंक के पास अपनी एक भी कार नहीं है। निशंक ने घोषणा की है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर मिली एक एम्बेसडर कार का ही इस्तेमाल करते हैं। उनके परिवार के सदस्य भी कहीं आने जाने के लिए किराए की कार का इस्तेमाल करते हैं।
निशंक की पत्नी के पास पीपीएफ खाते में दो लाख 71 हजार 300 रुपए की सम्पत्ति जमा है। कुसुम पोखरियाल एक राजकीय स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री निशंक के पास पीएचडी की मानद उपाधि है।

रोचक तथ्य यह है कि सरस्वती विद्या मंदिर के एक स्कूल शिक्षक के तौर पर अपनी जिन्दगी का सफर शुरू करने वाले निशंक के पास आज भी न तो गैर कृषि भूमि है तथा न ही वह वाणिज्यिक परिसर के मालिक हैं। निशंक ने घोषणा की है कि उनके पास एक आवासीय प्लाट है, जिसका बाजार मूल्य करीब आठ लाख रुपए है। (भाषा)



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