मुलायम को नजरबंद करने पर हंगामा

लखनऊ| भाषा|
समाजवादी पार्टी का अरोप है कि सपा मुखिया और प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया है, ताकि वे बसपा सरकार के विरोध में आज से शुरू हो रहे तीन दिवसीय आंदोलन में भाग न ले सकें।

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने आरोप लगाया है कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के घर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने सपा प्रवक्ता के आरोप को गलत बताते हुए कहा है कि सपा नेताओं को घर से निकलने पर कहीं कोई रोक टोक नहीं है।
जिलाधिकारी अनिल कुमार सागर ने कहा है कि दोनों नेताओं के नजरबंद किये जाने का आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया यादव को आज हवाई जहाज से दिल्ली जाना था, मगर उनकी उड़ान लेट थी, उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों को हवाईअड्डे तक जाने में कहीं कोई रुकावट नहीं है।

जिलाधिकारी ने कहा कि सपा प्रमुख को हवाईअड्डे तक जाने के लिए ‘समुचित रास्ता’ मुहैया कराया गया और उनके सुरक्षाकर्मी वहाँ पहले ही पहुँच चुके हैं। बाद में, दिल्ली रवाना होने से पूर्व मुलायम ने कहा कि यह मेरी जिंदगी का सबसे सफल आंदोलन है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा सपा कार्यकर्ता गिरफ्तार करके जेल में ठूँस दिए गए हैं। यहाँ तक कि मुझे और अखिलेश को भी आज सुबह नजरबंद कर दिया गया।
मुलायम ने कहा कि वे मुझे लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोक रहे हैं। मायावती सरकार सपा से डरी हुई है और वह हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन को जिस तरह रोक रही है उससे जाहिर होता है कि उसके दिन पूरे हो चुके हैं और आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता उसे सत्ता से बेदखल कर देगी।
इस बीच, राज्य विधानसभा में सपा और विपक्ष के नेता शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई में जिला कचहरी की तरफ बढ़ रहे पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस बीच, सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता घायल हुए हैं और कुछ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी ले लिया गया है।
गौरतलब है कि सपा ने प्रदेश की ‘भ्रष्ट’ मायावती सरकार के खिलाफ सोमवार से तीन दिवसीय आंदोलन शुरू करने का एलान किया था।

किसी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। सपा का दावा है कि आंदोलन शुरू होने से पहले ही उसके अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया है।
उधर दिल्ली में समाजवादी पार्टी सदस्यों की ओर से पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह को कथित तौर पर नजरबंद करने, कुछ सांसदों को गिरफ्तार करने के आरोप पर उत्तरप्रदेश की मायावती सरकार को बर्खास्त करने की माँग पर शोर-शराबे के कारण लोकसभा में आज प्रश्नकाल नहीं चल सका। (भाषा)



और भी पढ़ें :