दोपहर से ही सड़कों पर सन्नाटा

भोपाल| वार्ता| पुनः संशोधित गुरुवार, 30 सितम्बर 2010 (17:34 IST)
अयोध्या मामले पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले के मद्देनजर मध्यप्रदेश में चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजधानी भोपाल समेत पूरे राज्य में दोपहर बाद सड़कें पूरी तरह सूनी दिखाई दीं और बाजार भी बंद हो गए। सड़कों पर लोगों की चहल-पहल नहीं के बराबर होने से राजधानी के अलावा इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में सन्नाटा पसररहा।

फैसला आने के पहले सड़कों पर सायरन बजाती पुलिस के वाहनों की आवाजाही को लोग अपने घरों से उत्सुकतावश देखते हुए नजर आए। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तथा हथियारबंद जवान सड़कों पर आने जाने वालों पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।

लोक परिवहन के साधन जैसे सिटी बस और मैजिक वाहन भी दोपहर बाद नजर नहीं आए।
अप्रिय घटना की आशंका के चलते सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा बहुत कम चहल-पहल से ऐसा लगा जैसे कर्फ्यू लगा हुआ हो। संवदेनशील इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था। राजधानी के संवेदनशील पुराने शहर और नए शहर के प्रमुख बाजार न्यू मार्केट, एमपी नगर व अन्य बाजारों की दुकानें दोपहर एक बजे बाद बंद होना शुरू हो गई थी और तीन बजने तक सभी दुकानें बंद हो गई थीं।
शासकीय और निजी संस्थानों के कार्यालयों के अधिकारी तथा कर्मचारी भोजन अवकाश के बाद अपने घरों की ओर जाते देखे गए। रेलवे और बस स्टेशन पर भी आने जाने वाले यात्रियों की संख्या बहुत कम नजर आई। निजी ट्रेवल्स की बसें अधिकांश रूटों पर बंद रहीं।

इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, सागर और अन्य शहरों से मिली सूचनाओं के अनुसार अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंधों के बीच सड़कों पर आम लोगों की आवाजाही बिल्कुल बंद है। लोग ऐतिहासिक फैसले की प्रतीक्षा में दोपहर तीन बजे से ही समाचार चैनलों और अन्य समाचार माध्यमों पर नजरें लगाए हुए रहे।
प्रशासन ने सुरक्षा के तौर पर सभी 50 जिला मुख्यालयों पर पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर दी। इसके अलावा संवेदनशील माने जाने वाले अन्य नगरों में भी निषेधाज्ञा लगाई गई थी। (वार्ता)


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