अनीश चोपड़ा वर्जी‍निया ले. गवर्नर पद के दावेदार

वॉशिंगटन| WD| पुनः संशोधित बुधवार, 13 मार्च 2013 (19:24 IST)
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वॉशिंगटन। भारतीय-अमेरिकी अनीश पॉल चोपड़ा वर्जीनिया के लेफ्‍टीनेंट गवर्नर पद की दौड़ में औपचारिक रूप से शामिल हो गए हैं। वे अमेरिका के चीफ टेक्नोलॉजी अधिकारी रहे हैं। जून माह में होने वाले डेमोक्रेटिक प्राइमरी में बैलट पाने की योग्यता हासिल करने के लिए उन्होंने 20,630 जमा कराए हैं, जबकि इसके लिए 10 हजार सिग्नेचर्स की जरूरत होती है।


अपने पिटीशन सिग्नेचर्स को जमा कराते समय चोपड़ा ने कहा, इसका श्रेय जमीन से जुड़े लोगों के नेटवर्क को जाता है जो कि यह अभियान चला रहे हैं। उनका कहना था कि यह जीत के रास्ते पर मात्र पहला कदम है, लेकिन मैं समूचे कॉमनवैल्थ में हमारे प्रयासों पर अविश्वसनीय रूप से गर्वित हूं। यह हमारे समर्पित और कड़ी मेहनत करने वाले समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बिना सम्भव नहीं हो सकता था। अगर चोपड़ा जीत जाते हैं तो वे वर्जीनिया के शीर्ष पद पर चुने जाने वाले पहले भारतीय अमेरिकी होंगे।
वर्जीनिया से उनके प्रमुख समर्थकों में कांग्रेसमैन जिम मोरान और पूर्व कांग्रेस सांसद रिक बाउचर और टॉम पेरियलो हैं। ट्रेंटन, न्यू जर्सी में बसे अप्रवासियों के बेटे चोपड़ा ने अपना जीवन शिक्षा और हमेशा ही कुछ नया करने में गुजारा है। उनके पिता 1966 में अमेरिका आए थे और उन्होंने विलानोवा यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और वे रेफ्रिजरेशन उद्योग में अपने तीन पेटेंट कराने में सफल हुए थे।

चोपड़ा ने जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में प्रवेश किया था और बाद में वे हार्वर्ड में केनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में भी पढ़े। वर्जीनिया के गवर्नर टिम कैन ने उन्हें सेक्रेटरी ऑफ टेक्नोलॉजी बनाया था। 2009 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें देश का पहला चीफ टेक्नोलॉजी ऑफीसर नियुक्त किया था। इस पद पर रहते हुए उन्होंने देश की सर्वाधिक जरूरी प्राथमिकताओं को पूरा किया। इस पद पर चुनाव लड़ने के लिए पद छोडने पर राष्ट्रपति ओबामा ने उनकी सेवाओं की प्रशंसा की है।

फोटो सौजन्य : ईवेंट डॉट जीओवीटेक डॉट कॉम



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