जेपीसी पर वक्तव्य दे सकते हैं मनमोहन

नई दिल्ली| भाषा|
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प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह में मंगलवार को अपना वक्तव्य देंगे, जिसमें 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जेपीसी जाँच कराने के सरकार के इरादे की घोषणा हो सकती है।


सिंह अपनी कैबिनेट के नए मंत्रियों के परिचय के तुरंत बाद लोकसभा में बयान दे सकते हैं। संसदीय सूत्रों ने बताया कि जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) गठन को लेकर औपचारिक प्रस्ताव गुरुवार को दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल की ओर से पेश किया जाएगा। इसके बाद इस प्रस्ताव को राज्यसभा भेजा जाएगा।

सरकार 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी जाँच कराने की विपक्ष की माँग पर पहले ही सहमत हो गई है। संसद का शीतकालीन सत्र इसी मुद्दे की भेंट चढ़ गया था। सरकारी सूत्रों ने संकेत दिया कि जेपीसी का स्वरूप व्यापक होगा और इसमें अधिक से अधिक पार्टियों को जगह दी जाएगी।

जेपीसी का आकार यदि छोटा रखा गया तो केवल सात से नौ बड़ी पार्टियों को ही प्रतिनिधित्व मिल पाएगा। ऐसे में कांग्रेस, भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बसपा, जदयू और द्रमुक को ही उनके सदस्यों की संख्या के हिसाब से जेपीसी में जगह मिल पाएगी। संसद में कुल 37 राजनीतिक पार्टियों का प्रतिनिधित्व है।

सूत्रों ने कहा कि यदि जेपीसी में 30 सांसद होते हैं तो इसमें 20 सदस्य लोकसभा के और दस राज्यसभा के होंगे। यदि समिति में 21 सदस्य रखे जाते हैं तो 14 सांसद लोकसभा से और सात राज्यसभा से होंगे। (भाषा)



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