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Written By भाषा
पुनः संशोधित मंगलवार, 8 जुलाई 2008 (22:30 IST)

‍दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी की आधारभूत संरचना पर बढ़ते दबाव को अनियंत्रित पलायन से जोड़ते हुए मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि वह नगर में भीड़भाड़ कम करने और अन्य राज्यों के लोगों को यहाँ आकर बसने से रोकने का तरीका निकाले।

शीर्ष अदालत ने कहा कि वह नागरिकों के देश के किसी भी हिस्से में जाकर रहने के मूलभूत अधिकारों के प्रति सचेत है, लेकिन इसके साथ ही आधारभूत संरचना भी उतनी ही जरूरी है।

न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत ने यह टिप्पणी तब की जब सॉलीसिटर जनरल जीई वाहनवती और अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल पीपी मल्होत्रा ने यह कहने की कोशिश की कि न्यायालय के सुझाव व्यावहारिक नहीं हो सकते क्योंकि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।

शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारी के नेतृत्व में समिति गठित करने के संबंध में न्यायालय ने कहा कि शहर को भीड़भाड़ मुक्त बनाने के लिए सरकारी अधिकारियों और अन्य एजेंसियों की भावनाएँ एक होनी चाहिए।