कश्मीरी पंडितों की मतदाता सूची में हेरफेर

जम्मू (भाषा)| भाषा|
जम्मू में मतदान के दौरान कश्मीरी पंडितों पर पुलिस के लाठीचार्ज के चलते दो लोग घायल हो गए। ये मतदाता सूची से बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों के नाम गायब होने पर चुनाव आयोग का विरोध कर रहे थे।

पुलिस ने बताया कि जम्मू-कश्मीर नेशनलिस्ट मूवमेंट (जेकेएनएम), ऑल इंडिया कश्मीरी समाज और जम्मू-कश्मीर नेशनल यूनाइटेड फ्रंट के लगभग 300 कार्यकर्ता जम्मू के एक मतदान केंद्र के बाहर पंडितों के नाम सूची से गायब होने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।

पंडितों ने आयोग के खिलाफ नारे लगाने के साथ मुख्य चुनाव अधिकारी का पुतला भी जलाया। मतदान के समय प्रदर्शनकारियों के पहुँचने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया जिसमें दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
घाटी की मतदाता सूची में पंडितों की घटती संख्या पर चिंता जताते हुए ऑल पार्टी माइग्रेंट कोआर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष विनोद पंडित ने कहा कि वर्ष 1989 के पूर्व पंडितों के निर्गमन के बाद से सूची में उनकी संख्या 1.2 लाख से घटकर 70000 हजार रह गई है जिसका कारण उनका नाम सूची से हटाया जाना है।

जेकेएनएम नेता सुरिंदर कुमार ने कहा कि सरकार ने स्वयं घाटी में प्रवासी परिवारों की संख्या 50000 दर्ज की है। एक परिवार में सामान्यत: पाँच सदस्य होते हैं ऐसे में चुनाव अधिकारी स्पष्ट करें कि प्रवासी मतदाताओं की संख्या घटकर 70000 कैसे रह गई।



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