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Written By भाषा
पुनः संशोधित सोमवार, 6 जून 2011 (14:25 IST)

रिचर्डसन की इंडीज खिलाड़ियों को सीख

पिछले कुछ समय से स्पिन गेंदबाजों को खेलने में परेशानी महसूस कर रहे वेस्टइंडीज के बल्लेबाज पूर्व कप्तान और टीम प्रबंधक रिची रिचर्डसन के अनुभवों से सीख लेने में जुटे हैं।

नब्बे के दशक के मध्य में वेस्टइंडीज टीम की भागडोर संभाल चुके रिचर्डसन अपने समय के आक्रामक बल्लेबाज थे जो दुनियाभर के गेंदबाजों खासकर स्पिनरों पर दबाव बनाकर खेलते थे।

स्पिनरों के प्रति रिचर्डसन के रवैये को इस बात से समझा जा सकता है कि यह बल्लेबाज अपने 13 साल के कैरियर में सिर्फ तीन बाद स्पिनरों की गेंद पर स्टंप आउट हुआ। उन्होंने 86 टेस्ट मैचों में 16 शतकों की मदद से 5949 रन बनाए हैं।

रिचर्डसन ने कल यहां क्वींन्स पार्क ओवल में अपनी टीम के खिलाड़ियों के अभ्यास सत्र के दौरान कहा, ‘स्पिनरों का सामना करने के लिए कुछ चीजें जरूरी हैं : आप धीरे हाथ से खेलें, हॉफ वौली पर स्पिन खेलने की कोशिश करें, गेंद को स्वीप करने की क्षमता होनी चाहिए और आपको अंतिम समय तक शॉट में परिवर्तन करना आना चाहिए।’

भारत के खिलाफ 1983 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले रिचर्डसन ने खुलासा किया कि वह अपने कैरियर की शुरुआत में स्पिन के अच्छे खिलाड़ी नहीं थे लेकिन समय बीतने और मेहनत के साथ उन्होंने स्पिनरों को काबू करना सीख लिया। (भाषा)