मप्र के मेडिकल कॉलेजों की मान्यता खतरे में

भाषा|
भोपाल, के पाँचों मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी के चलते भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) से मान्यता समाप्त होने की लटकती तलवार के बावजूद राज्य सरकार ने प्रदेश के पिछड़े बुंदेलखंड के सागर में एक नया खोलकर इस समस्या को और अधिक गहरा कर दिया है।

रेसीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. आनंद राय ने इस बारे में कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में तीस प्रतिशत प्राध्यापकों की कमी है और एमसीआई इसे लेकर पहले ही केन्द्र सरकार को मान्यता समाप्त करने की सिफारिश कर चुकी है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा अन्य संस्थानों की कीमत पर सागर में एक नया मेडिकल कॉलेज खोला गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्राध्यापकों की कमी है और सागर के नए मेडिकल कॉलेज के लिए राज्य सरकार शेष मेडिकल कॉलेजों से चिकित्सक प्राध्यापकों को स्थानांतरित कर रहा है, जहाँ पहले से ही स्टाफ की कमी है।

इस बारे में उन्होंने इंदौर के महात्मा गाँधी स्मृति मेडिकल कॉलेज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ तीस प्रतिशत प्राध्यापकों की कमी है और उसकी मान्यता खतरे में है, लेकिन इसके चार प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक स्तर के चिकित्सकों को सागर स्थानांतरित किया गया है। (भाषा)



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