छह प्रतिशत से ज्यादा रहेगी वृद्धि दर-प्रणब

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 7 सितम्बर 2009 (16:20 IST)
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भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी और तीसरी तिमाही में अप्रैल-जून की अवधि की तुलना में कम रहने के आसार हैं। इसके बावजूद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का छह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर हासिल करने का भरोसा डिगा नहीं है। मुखर्जी ने कहा कि हमें के अनुमान को घटाने की जरूरत नहीं है।


सरकार का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर छह प्रतिशत से ज्यादा रहेगी। पहली तिमाही में वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रही है, जबकि अगली दो तिमाहियों में इसमें कमी आने की आशंका है।

आर्थिक लेखकों के फोरम को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने सोमवार को कहा मैं छह प्रतिशत से ज्यादा की आर्थिक वृद्धि दर को घटाने नहीं जा रहा हूँ, क्योंकि चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था की गति काफी बेहतर रहेगी।

उन्होंने कहा जहाँ तक वृद्धि दर का सवाल है, मुझे इस बात पर थोड़ा संदेह है कि क्या अर्थव्यवस्था दूसरी और तीसरी तिमाही में भी पहली तिमाही की गति को बरकरार रख पाएगी। कृषि वृद्धि दर कुछ कम रहेगी।


माना जा रहा है कि पहली तिमाही की वृद्धि दर सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए राहत पैकेजों का नतीजा है। इस तरह की राय बन रही है कि कमजोर मानसून तथा देश के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति के कारण अगले छह माह में कृषि उत्पादन घटेगा।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 2.4 प्रतिशत रही थी, जबकि पूर्व वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 3 फीसद रही थी।



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