टाटा स्टील ने फिर बढ़ाया कर्मियों का वेतन

जमशेदपुर (वार्ता)| वार्ता|
दुनिया की छठी सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी ने मंदी के गहराते असर के बावजूद एक बार फिर अपने कर्मियों का बढ़ा दिया है।


कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एचएम नेरूरकर तथा श्रमिक संघ टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय के बीच शनिवार शाम यहाँ हुए एक और वेतन पुनरीक्षण समझौते के मुताबिक कंपनी के भारत में एक मात्र कार्यशील संयंत्र के टी-ग्रेड के कर्मियों के मूल वेतन में कम से कम एक हजार रुपए की बढ़ोतरी की गई है।
इसके साथ ही उनके महँगाई, आवास, परिवहन आदि भत्तों और रियायती यात्रा अवकाश (एलटीसी) और वेतन वृद्धि दर (इंक्रीमेंट) में भी बढ़ोतरी की गई है। एक नंवबर 2008 के पूर्व प्रभाव से बढ़ाए गए वेतन का लाभ लगभग 700 कर्मियों को मिलेगा।


इससे पहले कंपनी ने गत एक नवंबर को हुए एक और बड़े वेतन पुनरीक्षण समझौते के तहत लगभग 16000 कर्मियों के वेतन में न्यूनतम 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसमें टी-ग्रेड कर्मी शामिल नहीं थे।

इसके बाद दिसंबर में ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान, स्टील, सीमेंट, एल्यूमीनियम तथा उड्डयन आदि उद्योगों के लिए उपकरणों का निर्माण करने वाली टाटा स्टील की सहायक कंपनी टाटा ग्रोथ शॉप (टीजीएस) के कर्मियों के वेतन को भी उसी तर्ज पर बढ़ा दिया गया था।

मंदी के चलते टाटा स्टील का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 50 प्रतिशत से अधिक गिरा है। इसके उत्पादन और बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गई है।



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