अमेरिकी चाहत ‘आर्थिक सूत्रधार’ बने भारत

वॉशिंगटन| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 7 जनवरी 2012 (14:37 IST)
के साथ दीर्घकालीन रणनीतिक साझीदारी के साथ अमेरिका चाहता है कि भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में ‘आर्थिक सूत्रधार’ बनकर उभरे।


अमेरिका पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल राबर्ट विलार्ड ने कहा कि इस सप्ताह पेश की गई राष्ट्रपति बराक ओबामा की नई रक्षा रणनीति में एशिया प्रशांत क्षेत्र के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया गया है।

उन्होंने कहा कि भारत और चीन जैसी एशिया की दिग्गज अर्थव्यवस्थाओं के उभरने के साथ यह क्षेत्र जबर्दस्त गतिविधियों का केन्द्र बना हुआ है।

यहां हवाई सैनिक साझीदारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए विलार्ड ने कहा कि एक समय ये एशियाई टाइगर थे, लेकिन अब हम भारत और चीन की ओर देखते हैं तो पाते हैं कि ये दो एशियाई महाशक्तियां एशिया प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक घटनाक्रमों को दिशा दे रही हैं।


उन्होंने कहा कि नई रक्षा रणनीति में राष्ट्रपति ओबामा ने भारत के साथ संबंधों पर जोर दिया है क्योंकि अमेरिका एशिया प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक और सुरक्षा हितों को देखते हुए अपना दबदबा बढ़ाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ दीर्घकालीन रणनीतिक साझीदारी में भी निवेश कर रहा है ताकि वह भारत को क्षेत्रीय के रूप में उभरने में सहयोग कर सके और व्यापक हिंद महासागर क्षेत्र में मदद उपलब्ध करा सके। (भाषा)



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