सेंसेक्स छू सकता है 20000 भी

- मनीष उपाध्याय

Naidunia| पुनः संशोधित सोमवार, 2 जनवरी 2012 (11:21 IST)
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नया साल 2012 के लिए अनिश्चितता से भरा होने का अनुमान है। इसके चढ़ने और गिरने को लेकर कई आशंकाएँ और उम्मीदें जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि भारतीय शेयर बाजारों की चाल योरपीय संकट के समाधान की गति पर निर्भर करेगी। माना जा रहा है कि जनवरी-फरवरी तक 13000 अंक तक गिर सकता है, किंतु योरपीय आर्थिक संकट जुलाई-अगस्त तक सुलझ गया तो यह 2012 की दीपावली तक 20000 अंक तक भी चढ़ सकता है।


2011 में शेयर बाजारों बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने २00८ के बाद का सबसे बुरा दौर देखा, जब शेयर बाजार ने 2011 के अंत में 15४00 के स्तर को छुआ। 2011 में सेंसेक्स 24 प्रतिशत से ज्यादा या करीब 5000 अंक टूट गया। 2008 के बाद की यह सर्वाधिक गिरावट है। गिरावट के इतने रिकॉर्ड बनाने के साथ 2011 के गुजर जाने के बाद निवेशकों में अब 2012 कैसा रहेगा, इसे लेकर कई आशंकाएँ कौंध रही हैं।
जनवरी-फरवरी कठिन समय : शेयर बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक 2011 में शेयर बाजार में गिरावट के जो मूल कारण थे, वे 2012 में भी मौजूद रहे सकते हैं। विशेषकर 2012 के प्रारंभ अर्थात जनवरी और फरवरी में शेयर बाजार पर बिकवाली का दबाव गहरा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार गत दिनों आए औद्योगिक उत्पादन के नकारात्मक आँकड़ों का असर जनवरी-फरवरी में जारी होने वाले कंपनियों के तीसरी तिमाही के परिणामों पर दिख सकता है। आशंका के अनुसार यदि कंपनियों के परिणाम खराब आते हैं और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया और गिर गया तो इस अवधि में सेंसेक्स गिरकर 13000 अंक जा सकता है।

नए वित्तीय वर्ष से उम्मीद : विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च-अप्रैल से शेयर बाजारों में सुधार दिखाई दे सकता है। फरवरी तक प्रमुख महँगाई दर के घटकर 6-7 प्रतिशत आने के कारण रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख नीतिगत दरें घटा देने से ब्याज दरें सस्ती होने और अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिहाज से केंद्रीय बजट के उदार आने से शेयर बाजार में सुधार आने की उम्मीद है।

योरप संकट, उलझी पहेली : 2012 में बाजार की चाल मौटे तौर पर योरप के आर्थिक संकट के समाधान पर निर्भर रहेगी। योरप के आर्थिक संकट के समाधान के बारे में विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। कुछ का अनुमान है कि यह जुलाई-अगस्त तक सुलझ सकता है। यदि ऐसा होता है तो अगली दीपावली तक शेयर बाजार 20000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी छू सकता है।

अगस्त से तेजी की संभावना : 2012 में यूँ तो शेयर बाजार अनिश्चित रह सकता है, लेकिन घरेलू एवं वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर आगामी जुलाई-अगस्त से बाजार में तेजी आ सकती है। यूरो जोन का आर्थिक संकट यदि सुलझ जाता है तो अगली दीपावली तक सेंसेक्स 20000 अंक तक भी चढ़ सकता है।-निशांत न्याती, रीजनल डायरेक्टर, आनंद राठी सिक्युरिटीज इंदौर
सब कुछ यूरो जोन पर निर्भर : 2011 में भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट का प्रमुखकारण यूरो जोन का आर्थिक संकट था, नए साल में भी यदि यह नहीं सुलझता है तो बाजारों की गति भी पिछले साल जैसी ही रहने का अनुमान है। बहरहाल 2012 के उत्तरार्द्ध में इसके सुलझने की उम्मीद है। ऐसे में तब शेयर बाजार सुधरकर तेजी के मार्ग पर लौट सकते हैं।-महेश नाटानी, आर्थिक विशेषज्ञ



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