Hindi Moral Story for Kids | बच्चों की कहानी : जादुई छड़ी
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बुढ़िया ने गोलू को एक छड़ी देते हुए कहा, गोलू ये जादू की छड़ी है। तुम इसे जिस भी चीज की तरफ मोड़कर दो बार घुमाओगे वह चीज गायब हो जाएगी। अगले ही दिन गोलू वह छड़ी अपने स्कूल ले गया। वहां उसने मस्ती करना शुरू किया। गोलू ने स्कूल में भी टीचर की किताब गायब कर दी फिर कई बच्चों की रबर और पेंसिलें भी गायब कर दीं। किसी को भी पता न चला कि यह गोलू की छड़ी की करामात है।
जब वह घर पहुंचा तब भी उसकी शरारतें बंद नहीं हुईं। गोलू को इस खेल में बड़ा मजा आ रहा था। किचन के दरवाजे के सामने एक कुर्सी रखी थी। गोलू ने सोचा, क्यों न मैं इस कुर्सी को गायब कर दूं। जैसे ही उसने छड़ी घुमाई वैसे ही गोलू की मां किचन से बाहर निकलकर कुर्सी के सामने से गुजरी और कुर्सी की जगह गोलू की मां गायब हो गई।
गोलू घबरा गया और रोने लगा। इतने में उसके सामने वह बुढ़िया आ गई। गोलू ने बुढ़िया को सारी बात बताई। बुढ़िया ने गोलू से कहा, मैं तुम्हारी मां को वापस ला सकती हूं, लेकिन उसके बाद मैं तुमसे ये जादू की छड़ी की वापस ले लूंगी।
गोलू रोते हुए बोला, तुम्हें जो भी चाहिए ले लो, लेकिन मुझे मेरी मां वापस ला दो। तब बुढ़िया ने एक जादुई मंत्र पढ़ा और देखते ही देखते गोलू की मां वापस आ गई। गोलू ने मुड़कर बुढ़िया का शुक्रिया कहना चाहा, लेकिन तब तक बुढ़िया बहुत दूर बादलों में जा चुकी थी। गोलू अपनी मां को वापस पाकर बहुत खुश हुआ और दौड़कर गले से लग गया।
