सत्यम घोटाले के खुलासे का एक साल पूरा हुआ

सीबीआई ने दाखिल की एक और पूरक चार्जशीट

भाषा|
हैदराबाद। देश के कॉर्पोरेट जगत में सनसनी फैलाने वाले अरबों रुपए के सत्यम कंप्यूटर्स घोटाले का खुलासा गुरुवार के ही दिन ठीक एक वर्ष पहले हुआ था। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सत्यम के इस घोटाले से पर्दा उठाने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद कंपनी के संस्थापक अध्यक्ष रामलिंगा राजू थे।


गुरुवार को इस घटना को पूरे बीत चुके हैं। केंद्रीय जाँच ब्यूरो और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस मामले की जाँच और अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों का लंबा सिलसिला चलने के बाद अब 20 जनवरी को आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होना है। हैदराबाद के अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश ने बुधवार को राजू के वकील को अपने मुवक्किल से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तैयार करने का आदेश दिया। इधर श्री राजू का निजाम इंस्टीट्यूट में हेपेटाइटिस सी का इलाज चल रहा है।
राजू ने चौकाया था दुनिया को


आज के दिन 7 जनवरी 2009 को राजू ने कंपनी के प्रबंध निदेशक अपने भाई बी.रामा राजू के साथ सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर पूरी दुनिया को भौचक्का कर दिया था कि कंपनी में 7800 करोड़ रु. का घोटाला हुआ है। एक ओर जहाँ इस घोटाले से निवेशकों को कुल 14000 करोड़ रु. का नुकसान होने की बात कही गई वहीं सीबीआई की ओर से अदालत में नवंबर में दायर पूरक आरोप पत्र में कहा गया गया कि मामले के मुख्य आरोपी रामलिंगा राजू और सह आरोपियों ने इस घोटाले के जरिए 350 करोड़ रु. की संपत्ति अर्जित की है।

फर्जीवाड़े से 1220 करोड़ रु. उठाए मामले की जाँच में पता चला कि आरोपियों ने कंपनी के निदेशक मंडल के प्रस्ताव में फर्जीवाड़ा करके बाजार से 1220 करोड़ रु. का कर्ज उठाया था।

सीबीआई ने करोड़ों रु. के सत्यम घोटाले के ठीक एक वर्ष बाद गुरुवार को गलत आयकर रिटर्न दाखिल करने के मामले में कंपनी के संस्थापक अध्यक्ष बी. रामलिंगा राजू और एक अन्य आरोपी के खिलाफ शहर की स्थानीय अदालत में एक और पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में 20 जनवरी को इस मामले में आरोप तय किए जाएँगे। (भाषा)



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