माघ मास में अवश्य करें पवित्र नदी में स्नान

माघ मास का पुराणों में मह‍त्व

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महाभारत के एक दृष्टांत में उल्लेख है कि के दिनों में अनेक तीर्थों का समागम होता है। वहीं पद्मपुराण में बताया गया है कि अन्य मास में जप, तप और दान से भगवान विष्णु उतने प्रसन्न नहीं होते जितने कि में नदी तथा तीर्थस्थलों पर स्नान करने से होते हैं।
हिन्दुओं को सर्वाधिक प्रिय माघ मेला है। हिन्दू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति के दिन 14 या 15 जनवरी को माघ महीने में यह मेला आयोजित होता है। यह भारत के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों में मनाया जाता है।


यही वजह है कि प्राचीन पुराणों में भगवान नारायण को पाने का सुगम मार्ग माघ मास के पुण्य स्नान को बताया गया है। माघ मास में खिचड़ी, घृत, नमक, हल्दी, गुड़, तिल का दान करने से महाफल प्राप्त होता है।



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