गर्मी में लाभदायक है सत्तू

NDND
गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के चक्कर में हम अक्सर खाना कम कर देते हैं। भयंकर गर्मी लगातार हमारे शरीर की ऊर्जा व तरलता को सोख रही होती है। ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि शारीरिक ऊर्जा व तरल पदार्थों की पूर्ति भी निरंतर बनी रहे लेकिन मौसम के गर्म मिजाज की वजह से खाने का मन ही नहीं करता। ऐसे में घबराइए नहीं, सत्तू है न! सत्तू का सेवन इन दोनों की कमी एक हद तक पूरी कर देता है।

* स्वाद के साथ-साथ शारीरिक खुराक की पूर्ति करने वाला सत्तू स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पौष्टिक भी होता है।

* सतुआ, सोतु, सातु, सांतू आदि कई नामों से जाना जाने वाला यह देशी व्यंजन खाने के साथ-साथ पानी में घोलकर भी पिया जाता है।

* ग्रीष्मकाल शुरू होते ही भारत में अधिकांश लोग सत्तू का प्रयोग करने लगते हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग।

* सत्तू एक ऐसा आहार है जो बनाने-खाने में सरल और सस्ता होने के साथ-साथ के लिए भी लाभकारी होता है।

* जौ, चने या मक्का वगैरह को भूनने के बाद पीसकर बनाया गया चूर्ण ही सत्तू कहलाता है। इन चीजों का अपना अलग-अलग स्वाद, गुण व प्रकृति होती है।

* शीतल तासीर होने के कारण गर्मियों के लिहाज से जौ का सत्तू बहुत लाभकारी होता है। इसे पानी में घोलकर पीने से यह बलवर्द्धक, पोषक, तृप्तिकारक, मधुर, रुचिकारक और सुपाच्य होता है।

* यह कफ-पित्त शामक और थकावट, भूख-प्यास व नेत्र विकारों में लाभकारी होता है। सत्तू का सेवन कई प्रकार के पाचन संबंधी रोगों में लाभकारी माना जाता है।

* इसके सेवन से कब्ज, लू से बचाव, वायु और एसिडिटी जैसे विकारों में बहुत राहत मिलती है। इसी प्रकार अगर नमकीन करना हो तो इसमें पिसे-भूने जीरे के साथ साधारण नमक अथवा काला नमक मिलाकर पी सकते हैं। वैसे, गर्मियों में जौ का सत्तू ज्यादा अच्छा माना जाता है।

* एक गिलास पानी में 5-10 चम्मच जौ का सत्तू मिलाकर उसमें स्वादानुसार चीनी मिलाकर ठंडा करके पीने से शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ ठंडक भी मिलती है।

WD|
- राजीव शर्म
* इस प्रकार से सत्तू का सेवन दिन में दो-तीन बार किया जा सकता है। तो अब जब भी गर्मी का अनुभव हो, सोडायुक्त पेय पदार्थों का सेवन करके कामचलाऊ ठंडक पाने से अच्छा होगा कि आप सत्तू का सेवन करके स्वादिष्ट व पौष्टिक ठंडक प्राप्त करें। वह भी विशुद्ध घरेलू तरीके से।

 

और भी पढ़ें :