आज के मुहूर्त (24.3.2010)
बुधवार, 24 मार्च 2010
आज आपका दिन मंगलमयी रहे यही शुभकामना है। वेबदुनिया प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त : शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- उत्तरायन, ऋतु- वसंत, मास- चैत्र, पक्ष- शुक्ल, तिथि- नवमी रात्रि 25.49 पश्चात दशमी, हिजरी सन- 1431, मु. मास- रबि उल आखिर, तारीख- 07, नक्षत्र- आर्द्रा दिन 12.03 पश्चात पुनर्वसु, योग- शोभन रात्रि 11.27 पश्चात अतिगंड, सूर्योदयकालीन करण- बालव, चन्द्रमा- मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश मंगलरात्रि 29.04 पर करेंगे।
दिन- उत्तम।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
मुहूर्त- शुभ नवीन कार्य का मुहूर्त।
दिन का पर्व- श्रीराम नवमी, देवी नवरात्रि समाप्ति, राम जन्मोत्सव, दुर्गा नवमी।
कार्य की अनुकूलता के लिए- दिन के मध्यांतर में देवस्थान के दर्शन करें।
उपयोगी ज्ञान- यदि मौसम के या किसी अन्य के कारण से सूर्य दिखाई नहीं दें तो भी उस दिशा में सूर्य उपासना से संबंधित कर्म करने का भी पूर्ण फल मिलता है।
शुभ समय- दिन 07.28 से 11.40 सायं 4.13 से 7.40।
सुझाव- यदि हो सके तो दिन 12.32 से 02.04 के मध्य शुभ कार्य न करें।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त : शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- उत्तरायन, ऋतु- वसंत, मास- चैत्र, पक्ष- शुक्ल, तिथि- नवमी रात्रि 25.49 पश्चात दशमी, हिजरी सन- 1431, मु. मास- रबि उल आखिर, तारीख- 07, नक्षत्र- आर्द्रा दिन 12.03 पश्चात पुनर्वसु, योग- शोभन रात्रि 11.27 पश्चात अतिगंड, सूर्योदयकालीन करण- बालव, चन्द्रमा- मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश मंगलरात्रि 29.04 पर करेंगे।
दिन- उत्तम।
दिशाशूल- उत्तर दिशा में।
मुहूर्त- शुभ नवीन कार्य का मुहूर्त।
दिन का पर्व- श्रीराम नवमी, देवी नवरात्रि समाप्ति, राम जन्मोत्सव, दुर्गा नवमी।
कार्य की अनुकूलता के लिए- दिन के मध्यांतर में देवस्थान के दर्शन करें।
उपयोगी ज्ञान- यदि मौसम के या किसी अन्य के कारण से सूर्य दिखाई नहीं दें तो भी उस दिशा में सूर्य उपासना से संबंधित कर्म करने का भी पूर्ण फल मिलता है।
शुभ समय- दिन 07.28 से 11.40 सायं 4.13 से 7.40।
सुझाव- यदि हो सके तो दिन 12.32 से 02.04 के मध्य शुभ कार्य न करें।

