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प्रदोषस्तोत्राष्टकम्‌ : यह है भगवान शिव का प्रिय स्तोत्र, आपको भी अवश्य पढ़ना चाहिए

बुधवार,फ़रवरी 19, 2020
Shiv Pradosha Stotra
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भगवान भोलेनाथ की इस आरती से मनुष्य को संपूर्ण गृहस्थ सुख प्राप्त होता है। पढ़ें शिव जी को प्रिय उनकी आरती...
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हिन्दू धर्म के अनुसार आनंद की अनुभूति दिलाने वाले भगवान भोलेनाथ का शिव चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शिव चालीसा के माध्यम से अपने सारे दुखों को भूला कर शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
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शिवजी की आरती- जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा । ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥
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ॐ जय पंचानन स्वामी प्रभु पंचानन स्वामी। अजर अमर अविनाशी, नमो अन्तर्यामी। चतुरानन संग सात ऋषि, शरण आपकी आये। अभय दान दे ऋषियन को, सार कष्ट मिटाए। 1। निगम गम पथ दाता हमें शरण पड़े तेरी। विषय विकार मिटाओ सारे, मत लाओ देरी। 2।
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श्री भगवान विश्वकर्मा चालीसा- भगवान विश्वकर्मा का चालीसा। श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान। श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान।। जय श्री विश्वकर्म भगवाना। जय विश्वेश्वर कृपा निधाना।। शिल्पाचार्य परम उपकारी। भुवना-पुत्र नाम ...
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श्री विश्वकर्मा विश्व के भगवान सर्वाधारणम्। शरणागतम् शरणागतम् शरणागतम् सुखाकारणम्।। कर शंख चक्र गदा मद्दम त्रिशुल दुष्ट संहारणम्। धनुबाण धारे निरखि छवि सुर नाग मुनि जन वारणम्।। डमरु कमण्डलु पुस्तकम् गज सुन्दरम् प्रभु धारणम्। संसार हित कौशल ...
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ललिता माता चालीसा- जयति-जयति जय ललिते माता। तव गुण महिमा है विख्याता।। तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी। सुर नर मुनि तेरे पद सेवी।। तू कल्याणी कष्ट निवारिणी। तू सुख दायिनी, विपदा हारिणी।।
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सीता माता की पवित्र आरती

बुधवार,फ़रवरी 5, 2020
माता सीता की आरती : आरति श्रीजनक-दुलारी की। सीताजी रघुबर-प्यारी की।। जगत-जननि जगकी विस्तारिणि, नित्य सत्य साकेत विहारिणि।
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श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी! राजेश्वरी जय नमो नम:!! करुणामयी सकल अघ हारिणी!
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सबिंदु सिन्धु सुस्खल तरंग भंग रंजितम द्विषत्सु पाप जात जात कारि वारि संयुतम कृतान्त दूत काल भुत भीति हारि वर्मदे त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे 1
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हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥ जग सिरमौर बनाएं भारत, वह बल विक्रम दे। वह बल विक्रम दे॥ हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥
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वसंत ऋतु में पंचमी का उत्सव 'मां सरस्वती' के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। भगवती सरस्वती विद्या की अधिष्ठात्री देवी हैं और विद्या को सभी धनों में प्रधान धन कहा गया है। विद्या से ही अमृतपान किया जा सकता है। विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती की ...
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मां शाकंभरी चालीसा- जे जे श्री शकुंभारी माता। हर कोई तुमको सिष नवता।। गणपति सदा पास मई रहते। विघन ओर बढ़ा हर लेते।।
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सरल शब्दों में कहें तो आदित्य ह्रदय स्तोत्र हर क्षेत्र में चमत्कारी सफलता देता है। विशेषकर मकर संक्रांति पर यह पाठ हर तरह के शत्रु से मुक्ति दिलाता है।
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Maa Shakumbhari Aarti- हरि ॐ श्री शाकुम्भरी अम्बाजी की आरती कीजो ऐसी अद्भुत रूप हृदय धर लीजो
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मकर संक्रांति विशेष आरती- ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान। जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा। धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।
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Jain Chalisa : भगवान पार्श्वनाथ चालीसा

शुक्रवार,दिसंबर 20, 2019
Jain Chalisa- शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करूं प्रणाम। उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम। सर्व साधु और सरस्वती, जिन मंदिर सुखकार। अहिच्छत्र और पार्श्व को, मन मंदिर में धार।|
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भगवान दत्तात्रेय की जयंती पर मंत्रों के साथ-साथ उनके स्तोत्र का भी निरंतर पाठ करने से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट
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जो व्यक्ति किसी भी तरह के व्यापार में हानि, जीवन में आने वाली कठिनाइयां और शत्रु पक्ष से होने वाली परेशानियां तथा जीवन की किसी भी तरह की समस्या से ग्रसित है तो उस व्यक्ति को भैरव स्तुति का पाठ अवश्‍य करना चाहिए।
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