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Lord Vishnu Chalisa : एकादशी पर पढ़ें श्री विष्णु का प्रिय चालीसा, प्रसन्न होकर देंगे आशीष

शनिवार,जनवरी 23, 2021
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यह आरती करने से श्री हरि विष्णु प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। यहां पढ़ें ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे...
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जे जे श्री शकुंभारी माता। हर कोई तुमको सिष नवता।। गणपति सदा पास मई रहते। विघन ओर बढ़ा हर लेते।।
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जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता। अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता ।।
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मां गायत्री देवी की स्तुति में लिखी गई चालीस चौपाइयों की एक रचना है 'गायत्री चालीसा'
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जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव। जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥
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भगवान शनि की आरती- ॐ जय जय शनि महाराज, स्वामी जय जय शनि महाराज। कृपा करो हम दीन रंक पर, दुःख हरियो प्रभु आज ॥ॐ॥
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शनिवार के दिन भगवान शनिदेव की पूजा के दौरान यह आरती करनी चाहिए। माना जाता है कि यह आरती करने से शनिदेव प्रसन्न होकर आपकी हर तरफ से मदद करते हैं और भक्त को शनि देव की कृपा जल्दी मिलने लगती है और सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। यहां पढ़ें पावन आरती-
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शुक्रवार के दिन धन की देवी लक्ष्मी पूजन करने का महत्व है। इस दिन लक्ष्मी माता का यह चालीसा जीवन को खुशहाली से भर देता है। यहां पढ़ें लक्ष्मी माता का पावन संपूर्ण चालीसा का पाठ...
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लक्ष्मी माता की आरती- ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निस दिन सेवत हर-विष्णु-धाता॥ ॐ जय...
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मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य के पूजन का विशेष महत्व है। यह दिन जीवन में खुशियों का संचार करने वाला माना गया है। इस दिन सूर्य देवता की यह विशेष आरती करने से वे प्रसन्न होकर खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यहां पढ़ें आरती...
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भगवान श्री गणेश की पूजा के बिना हिंदू धर्म में कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती। अत: खास कर बुधवार के दिन इन आरतियों से करें भगवान श्री गणेश को प्रसन्न। यहां आपके लिए प्रस्तुत हैं गणेश जी की 3 विशेष आरतियां...
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Lord Ganesh Chalisa : जय जय जय गणपति राजू

मंगलवार,जनवरी 12, 2021
जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥
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आरती युगल किशोर की कीजै, तन-मन-धन, न्योछावर कीजै। टेक। गौर श्याम सुख निरखत रीझै,
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पवित्र भावना और शांतिपूर्वक हनुमान चालीसा पढ़ने से हनुमानजी की कृपा प्राप्त होती है, जो हमें हर तरह की जानी-अनजानी होनी-अनहोनी से बचाती है। पढ़ें श्री हनुमान चालीसा हिन्दी अर्थ सहित...
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शनि साढ़ेसाती, ढैया अथवा शनि महादशा के दौरान शनि चालीसा, दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। शिव पुराण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ ने भी शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 'शनि चालीसा' का पाठ किया था।
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श्री बृहस्पतिवार की आरती- ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा। छिन-छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा।। ॐ जय बृहस्पति देवा।। तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अंतर्यामी। जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी।। ॐ जय बृहस्पति देवा।।
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यहां पढ़ें भगवान पार्श्वनाथ का पावन चालीसा का संपूर्ण पाठ।
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प्रतिदिन इस आरती से करें भगवान श्री गणेश को प्रसन्न। यहां आपके लिए प्रस्तुत हैं गणेश जी की विशेष आरती..
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जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥ जय जय जय गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥
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