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श्री कृष्ण चालीसा : Janmashtami पर 10 बड़े आशीष मिलेंगे इसे पढ़ने से...

गुरुवार,अगस्त 6, 2020
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कृष्ण अष्टकम्- चतुर्मुखादि-संस्तुं समस्तसात्वतानुतम्‌। हलायुधादि-संयुतं नमामि राधिकाधिपम्‌॥1॥
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भये प्रगट कृपाला, दीनदयाला कौसल्या हितकारी, हरषित महतारी, मुनि मनहारी अद्भुत रूप बिचारी
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Ramashtakam- हे रामा पुरुषोत्तमा नरहरे नारायणा केशव। गोविन्दा गरुड़ध्वजा गुणनिधे दामोदरा माधवा।।
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आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सतचित आनंद शिव सुंदर की,
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भगवान श्रीराम पर 3-4 तरह की आरतियां प्रचलित हैं। यहां प्रस्तुत है आरती कीजै रामचन्द्र जी की।
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आरती कीजे श्रीरामलला की । पूण निपुण धनुवेद कला की ।। धनुष वान कर सोहत नीके । शोभा कोटि मदन मद फीके ।। सुभग सिंहासन आप बिराजैं । वाम भाग वैदेही राजैं ।। कर जोरे रिपुहन हनुमाना । भरत लखन सेवत बिधि नाना ।।
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हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम आदर्श पुरुष थे। प्रभु श्रीराम विष्णु के दशावतारों में से 7वें अवतार हैं। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं पवित्र श्रीराम चालीसा...
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प्रभु श्री राम के नाम का जप करने से हनुमान जी खुश हो जाते है। अत: हनुमान जी के सामने यह स्तुति करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। आइए पढ़ें प्रभु श्री राम की स्तुति...
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अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः। श्री सीतारामचंद्रो देवता। अनुष्टुप्‌ छंदः। सीता शक्तिः। श्रीमान हनुमान्‌ कीलकम्‌। श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः।
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आज एकादशी है। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। यह आरती करने से श्रीहरि विष्णु प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। यहां पढ़ें आरती...
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हिन्दू धर्म के अनुसार आनंद की अनुभूति दिलाने वाले भगवान भोलेनाथ का शिव चालीसा पढ़ने का अलग ही महत्व है। शिव चालीसा के माध्यम से अपने सारे दुखों को भूला कर शिव की अपार कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
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शिव चालीसा की 40 शुभ पंक्तियां चमत्कारी हैं। शिव चालीसा सरल है लेकिन अत्यंत प्रभावशाली है। चालीसा का निरंतर 40 बार पाठ करने से वह सिद्ध हो जाता है...इसी तरह मनोकामना और समस्या के अनुसार चालीसा की पंक्ति याद कर 40 बार पाठ करने से वह भी आश्चर्यजनक ...
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जिस जातक की कुंडली में कालसर्प योग होता है उसका जीवन पीड़ा से भर जाता है। उसे अनेक प्रकार की परेशानियां उठानी पड़ती हैं।
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जय पार्वती माता जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
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श्रावण मास में माता पार्वती के व्रत उपवास भी आते हैं। श्रावण मास के प्रति मंगलवार मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है... माता पार्वती का यह रूप बहुत दयालु हैं, इसलिए श्री पार्वती चालीसा से उन्हें प्रसन्न कर सौभाग्य का वरदान पाया जा सकता है...
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इस आरती से प्रसन्न होंगी मां Mangla Gauri Aarti- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
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मां मंगला गौरी स्तोत्र को पढ़ने से महिलाओं का वैवाहिक जीवन सुखमयी हो जाता है। श्रावण मास में मां मंगला गौरी व्रत करते समय इसका पाठ अवश्‍य करना चाहिए। आइए पढ़ें...
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शिव आरती श्रावण मास में शिवजी का विशेष पूजन कर रहे हैं तो इस आरती के बिना अधूरी है आपकी पूजा। आगे पढ़ें...
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श्री विष्णु चालीसा- एकादशी पर श्रीविष्णु पूजन का विशेष महत्व है। एकादशी पर श्री विष्णु चालीसा का पाठ पढ़ने से सारे दु:ख-दर्द दूर हो जाते हैं। यह चालीसा विष्‍णु जी को प्रिय है।
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