0

गंगा मैया की पवित्र आरती : जय गंगा मैया मां जय सुरसरी मैया

मंगलवार,मई 18, 2021
0
1
देवि! सुरेश्वरि! भगवति! गंगे! त्रिभुवनतारिणि तरलतरंगे। शंकरमौलिविहारिणि विमले मम मतिरास्तां तव पदकमले ॥1 ॥ हे देवी! सुरेश्वरी! भगवती गंगे! आप तीनों लोकों को तारने वाली हैं। शुद्ध तरंगों से युक्त, महादेव शंकर के मस्तक पर विहार करने वाली हे ...
1
2
गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर अगर आप नदी में स्नान करने का पुण्य लाभ नहीं ले पा रहे हैं तो इस स्तोत्र का घर में स्नान करते समय वाचन करें
2
3
ॐ जय गंगे माता, श्री गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता। ॐ जय गंगे माता...
3
4
जय जग जननि अघ खानी, आनन्द करनि गंग महरानी । जय भागीरथि सुरसरि माता, कलिमल मूल दलनि विखयाता ।।
4
4
5
परशुराम जयंती के दिन उनका यह स्तवन का पाठ अवश्य करना चाहिए।
5
6
शनि साढ़ेसाती, ढैया अथवा शनि महादशा के दौरान शनि चालीसा, दशरथ कृत शनि स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। शिव पुराण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ ने भी शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 'शनि चालीसा' का पाठ किया था।
6
7
भगवान शनि की आरती- ॐ जय जय शनि महाराज, स्वामी जय जय शनि महाराज। कृपा करो हम दीन रंक पर, दुःख हरियो प्रभु आज ॥ॐ॥
7
8
यह आरती करने से श्री हरि विष्णु प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। यहां पढ़ें ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे...
8
8
9
Hanuman ji ki Aarti- आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
9
10
श्री हनुमान चालीसा का एक-एक शब्द प्रभावशाली है। प्रतिदिन सुबह और संध्यावंदन के समय पवित्र भावना और शांतिपूर्वक हनुमान चालीसा पढ़ने से हनुमानजी की कृपा प्राप्त होती है, जो हमें हर तरह की होनी-अनहोनी से बचाती है।
10
11
किसी भी प्रकार का कैसा भी बड़ा और भीषण संकट हो संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ अत्यंत प्रभावकारी है। इस पाठ से हर बाधा का नाश होता है और संकटों का अंत होता है।
11
12
श्री हनुमान चालीसा (हिन्दी अर्थ सहित) - श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
12
13
आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सतचित आनंद शिव सुंदर की, दशरथ तनय कौशल्या नंदन,
13
14
हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम आदर्श पुरुष थे। प्रभु श्रीराम विष्णु के दशावतारों में से 7वें अवतार हैं। जीवन के भवसागर से पार पाने के लिए हर मनुष्य को प्रतिदिन राम चालीसा
14
15
श्री राम स्तुति- श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्। नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
15
16
माता पार्वती बहुत दयालु हैं, उनकी सच्चे मन से आराधना करने से वे हमारी गलतियों को तुरंत माफ कर देती हैं। उनकी प्रिय चालीसा हमें जीवन में नित नई ऊंचाइयों पर ले जाती है।
16
17
जय पार्वती माता जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता। जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
17
18
नवरात्रि के पावन पर्व पर 9 दिन दुर्गा चालीसा के नित्य पाठ से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और हर तरह के संकट दूर करती है। यहां सभी पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं पवित्र श्री दुर्गा चालीसा।
18
19
जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति। तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥ कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥
19