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शाही सैरगाहों में 'योग'
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मीरा राय योग रूपी प्राचीन भारतीय विद्या का डंका बीसवीं सदी के मध्य से ही पश्चिमी देशों में बजने लगा था। इक्कीसवीं सदी में 'योगा' विश्वस्तर पर एक बड़ा कारोबार बन गया है। इंडोनेशिया से लेकर अमेरिका तक भव्य 'योगा रिजोर्ट' खुल गए हैं, जहाँ दुनिया भर के, खास तौर पर पश्चिमी देशों के पर्यटक आते हैं और योग के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ भी लेते हैं तथा आंतरिक शांति को भी महसूस करते हैं।दुनिया को भारत ने बहुत कुछ दिया है। मगर उसकी दो देने सबसे बड़ी हैं। संख्याओं में शून्य और आत्मिक शांति के लिए योग। दुनिया को भारत की देनों का सिलसिला मसालों से शुरू हुआ था। अरबी व्यापारियों ने सबसे पहले भारत की कालीमिर्च, लौंग और काजू से दुनिया को परिचित कराया। पूरी दुनिया से इन भारतीय मसालों के चलते हिन्दुस्तान की समृद्धि का डंका बज गया। भारत को सोने की चिड़िया कहा जाने लगा। समुद्री नाविकों की खोज यात्राओं का भारत लक्ष्य बनने लगा। ये भारत की दूर-दूर तक फैली देन कीर्ति ही थी जिसके आकर्षण के चलते शक, हूण, यवन और अँगरेज भारत आए।औद्योगिक क्रांति के बाद योरप में विज्ञान का जो विकास हुआ उस आधुनिक विकास के सामने कई पारंपरिक खूबियाँ, श्रेष्ठाताएँ और संपन्नाताएँ अर्थहीन होने लगीं। विज्ञान के विकास और पूँजी के आधुनिक विस्तार ने भारत की पारंपरिक श्रेष्ठताओं को फीका कर दिया। तभी भारत की वह सीख दुनिया की नजर में हिन्दुस्तानी श्रेष्ठता का सबूत बनी जो हमारी सनातन संस्कृति का हिस्सा है। जी हाँ, योग और ध्यान भारत में ऋषियों-मुनियों के जमाने से आत्मिक और आध्यात्मिक शांति हासिल करने का जरिया रहे हैं।उन्नीसवीं शताब्दी तक दुनिया के तथाकथित विकसित देश भारत की इस समझ को अंधविश्वास या 'अर्थहीन गतिविधियाँ' मानकर खारिज करते रहे थे। लेकिन जब जीवनशैली का तनाव बढ़ा, बहुत कुछ हासिल करने के बाद भी इंसान जेहनी सुकून से वंचित हो गया और जीवनशैली को आलीशान बनाने के बाद भी जब वह अवसाद से घिरा रहा तो याद आई भारत की वह महान देन जो सदियों से भारतीय जीवनशैली का एक अभिन्ना हिस्सा रही है।द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जब योरपीय नौजवानों का एक वर्ग विद्रोह और वैचारिक शून्यता के चलते अराजक हो गया और आत्मिक शांति के लिए बेतरतीब जीवनशैली को अपना लिया तो उन्हें एक नई पहचान मिली। 'हिप्पी' होने की दरअसल हिन्दुस्तान का योग नए सिरे से इन्हीं के जरिए पहुँचा।
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और 70 के दशक में जो योग हिप्पियों के चलते विदेशी सरजमीं पर पहुँचा था, वह 80 और 90 के दशक आते-आते न सिर्फ तनाव और अवसाद से घिरी संपन्ना दुनिया को प्रभावित करने लगा बल्कि धीरे-धीरे यह भारतीय विद्या, पश्चिमी नजरों में बेहद आदरणीय हो गई। योग के धीरे-धीरे प्रतिष्ठित होने के साथ ही विदेशियों की नजर में भारत की जो छवि साधुओं, सपेरे और समस्याओं की थी वह बदलने लगी और योग व शांति की मातृभूमि के रूप में प्रतिष्ठित होने लगी।सत्तर के दशक के उत्तरार्ध और 80 के दशक के पूर्वार्ध में बड़े पैमाने पर योग निर्यात होने लगा। महर्षि महेश योगी, जिद्दू कृष्णामूर्ति, दीपक चौपड़ा, ओशो रजनीश, योग गुरु भास्कर नरेंदन आदि ने पश्चिम से योग को एक ऐसी वैकल्पिक जीवनशैली के रूप में प्रतिष्ठित किया जिसके पास तनाव, अशांति और अप्रसन्नाता को दूर करने कारगर नुस्खा था।न सिर्फ आध्यात्मिक गुरु बल्कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सीईओ तक नौकरी छोड़कर विदेशों में योग केंद्र स्थापित करने लगे। योग इस कदर प्रतिष्ठित हुआ कि वह उच्चवर्गीय जीवनशैली का एक अभिन्न हिस्सा बन गया। कॉर्पोरेट क्षेत्र में मानसिक बेचैनी अवसाद व अशांति का हल आसानी से योग में तलाशा जाने लगा। कुल मिलाकर पश्चिम में योग आधुनिक जीवन की तमाम समस्याओं का हल हो गया। शारीरिक स्वास्थ्य से लेकर मानसिक स्वास्थ्य की प्रतिष्ठा योग से जुड़ गई और इस तरह यह पश्चिमी दुनिया में जीवनशैली की अहम जरूरत बन गया। बल्कि वह स्टेट्स सिंबल और फैशन भी बन गया।इक्कीसवीं सदी की शुरुआत होते-होते योग एक बहुत बड़ा कारोबार बन गया। भारत के बाहर भारत की इस आध्यात्मिक संपदा का टर्नओवर 2003 में 1 अरब डॉलर और 2008 तक बढ़कर 25 अरब डॉलर सालाना हो गया! कभी भारत की पवित्र नदियों के किनारे और धार्मिक शहरों, आश्रमों व मंदिरों का अभिन्न हिस्सा रही यह विद्या नई सदी से न्यूयॉर्क, लंदन, बैंकाक, वाली कैलिफोर्निया, मैक्सिको, स्पेन, मलेशिया, कोस्टारिका के भव्य 'योग रिजॉर्ट' से परिभाषित होने लगी। भारत की यह आध्यात्मिक विद्या पश्चिम के कुछ खास शहरों और पर्यटन स्थलों की प्रमुख खूबी बन गई। इनके प्रचार में खासतौर पर इन योगा रिजॉर्ट का जिक्र होने लगा। यही कारण है कि आज दुनिया के 10 शीर्ष योगा रिजॉर्ट्स में से नौ विदेशों में हैं। ये जहाँ हैं उन जगहों उन पर्यटन स्थलों की 'यूएसपी' बन गए हैं।
शांति के लिए योगा रिजॉर्ट्स आज भव्यतम सैरगाह साबित हो रही है। दुनिया की ऐसी 10 भव्यतम सैरगाहें हैं:*हुआ हिन (थाइलैंड), श्री कैनील वे, वर्जिन आलैंड (अमेरिका), पैरट के, (वेस्टइंडीज), देसा सेनी-वाली (इंडोनेशिया), आनंद स्पा उत्तरांचल (भारत), मिरामोंटे केलिफोर्निया (अमेरिका), कालानी बाई, (अमेरिका), मायाट्लुम (मैक्सिको), इंजिबा (स्पेन) और गोल्डन डोर (कोस्टारिका)।*दुनिया के बेस्ट योगा रिजॉर्ट में कैनिल वे, वर्जिन आइसलैंड (अमेरिका) की भी धूम है। यहाँ के रिजॉर्ट की खासियत यह है कि जहाँ दुनिया की दूसरी जगहों में योगा रिजॉर्ट नए याहाल के वर्षों में खुले हैं, वहीं यह 50 साल पुराना है। इसे सेजवुड रिजॉर्ट भी कहते हैं। यह राजसी ठाठ-बाट वाला है। यहाँ ऐसा शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक सुकून हासिल होता है जिससे शरीर का रोम-रोम प्रफुल्लित हो जाता है। यहाँ की यूएसपी क्वी कांग नामक चीनी ध्यान विद्या है जो योग के साथ प्रदान की जाती है।*यूँ तो सारे कैरेबियन द्वीप समूह कोही खूबसूरती की खान माना जाता है, लेकिन पैरेट के रिजॉर्ट खूबसूरत समुद्री द्वीप में स्थित वह योग केंद्र है जिसे आध्यात्मिक शांति का स्वर्ग कहा जाए तो अतिश्योक्ति न होगी। एक एकड़ में स्थित पैरेट के योग केंद्र का उद्देश्य यहाँ आने वालों को पूर्ण मानसिक शांति व प्रफुल्लता प्रदान करता है। इसकी स्थापना 1988 में हुई। इस योग केंद्र की यूएसपी है वेलनेस और खुराक के जरिए निर्विषीकरण।*वाली स्थित देसा सेनी योगा रिजॉर्ट प्राचीन कला और विद्या का केंद्र भी है। देसा सेनी का इंडोनेशियाई भाषा में मतलब होता है कला का गाँव। यह योग केंद्र वास्तव में एक कला गाँव या कला केंद्र है। यहाँ कांगू में स्थित एक कॉम्प्लेक्स है जिसके चारों तरफ हरे-भरे धान के खेत हैं। यह कला केंद्र मूलतः ऐसे समन्वित योग कार्यक्रमों को प्राथमिकता देता है जो कला और संस्कृति का हिस्सा होते हैं। यहाँ योग के बहुत से प्रकार सिखाए जाते हैं।*भारत में उत्तरांचल प्रांत के नरेंद्र नगर में स्थित आनंद योगाश्रम दुनिया के दस सर्वोत्तम योगा रिजॉर्ट्स में से एक है। सौ एकड़, जमीन पर स्थित यह आश्रम हिमालय की तलहटी में स्थित है जिसके चारों तरफ घना निर्जन वन है। इस योग केंद्र की यूएसपी है, योग, मसाज और स्वास्थ्य के जरिए ऊर्जा चक्र को नियंत्रित करना ताकि मन और तन के बीच संतुलन कायम रहे। यहाँ योग के साथ-साथ आयुर्वेदिक जीवनशैली के तहत भी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।*अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में पाम स्प्रिंग्स के पास स्थित है मिरामोंट रिजॉर्ट एंड स्पा। ठेठ रेगिस्तान में स्थित इस रिजॉर्ट को भूमध्य सागरीय गाँव के रूप में बनाया गया है। कहाँ वेलनेस के लिए कई पैकेज, ऑफर किए जाते हैं।*दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दस योगा रिजॉर्ट में हैवाई (अमेरिका) स्थित योग केंद्र। यहाँ नग्न योगा की चलन है। वैसे यहाँ विशेष रूपसे हठ विन्यास, कुंडलिनी और यिन योगा के पैकेज दिए जाते हैं।*मैक्सिको की माया संस्कृति आज भी रहस्य के घेरे से घिरी हुई है। इसलिए जब इस संस्कृति का योग के साथ फ्यूजन होता है तो उसकी विविधता, मौलिकता और रोमांचकता की कल्पना की जा सकती है। माया तुलुम योग केंद्र की यूएसपी है, सेवन के माइंड बॉडी स्पिरिड प्रोग्राम जो पूर्णतः रिलैक्स होने के लिए है।*दुनिया के टॉप टेन योगा रिजॉर्ट में स्पेन का इविजा भी है। यह योग के जरिए निर्विषीकरण का केंद्र है। यहाँ के 'नाइट क्लब' सुबह 6 बजे खुल जाते हैं। यहाँ भी अष्टांग योग को प्रमुखता से लिया जाता है। यहाँ की खासियत यह है कि हर एक योगी को यहाँ आकर अपनी तरह का योग सिखाने की छूट होती है। इसलिए इस योग केंद्र की कोई निश्चित योग शैली नहीं है।*कोस्टारिका का गोल्डन और रिजॉर्ट युगेन पॉवर के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह केवल महिलाओं के लिए है। यहाँ की खूखी है- योगा बेसिक्स, कलासिक्स पोस्टर्स का स्विस बेले सर्पर्ट के साथ इस्तेमाल।दुनिया के ये भव्य योगा रिजॉर्ट शांति और खुशी हासिल करने के लिए ऐसी शाहाना सैरगाहें हैं जिसका जीवन में एक बार हर कोई लुफ्त उठाना चाहेगा मगर सबको यहाँ आना नसीब कहाँ है!