मेरे करियर की सबसे बड़ी जीत में से एक : कोहली

एडिलेड| पुनः संशोधित रविवार, 15 फ़रवरी 2015 (18:57 IST)
एडिलेड। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने क्रिकेट विश्व कप में आज यहां चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ की जीत को अपने करियर की सबसे बड़ी जीत में से एक करार देते हुए कहा कि वह इस ‘शानदार’ जीत में अपनी भूमिका निभाकर खुश हैं।
एडिलेड ओवल में भारत की 76 रन की जीत के दौरान 107 रन की पारी खेलकर 'मैन ऑफ द मैच' बने कोहली ने कहा, ‘संभवत: मेरे करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत में से एक। विश्व कप की शुरुआत करने का शानदार तरीका। पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा मैच और शानदार संघर्ष देखने को मिला।’
 
उन्होंने कहा, ‘जब आप अपने देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करते हो तो अपेक्षाएं होती हैं। मैं इन अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा क्योंकि मुझे हारना पसंद नहीं है और मैं जज्बे के साथ खेलता हूं। मुझे दबाव और अपेक्षाएं पसंद हैं।’ 
 
पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के दबाव के बारे में पूछने पर और वह भी विश्व कप में जहां भारत ने सभी छह मैच जीते हैं, कोहली ने कहा, ‘पिछले कुछ दिन काफी मुश्किल रहे। होटल में काफी लोगों ने काफी काम किया।’ 
 
कोहली से जब उनकी पारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने प्रत्येक खिलाड़ी को विश्व कप में भूमिका सौंपी है और वह अपनी भूमिका निभा रहे है।
 
उन्होंने कहा, ‘हमने प्रत्येक खिलाड़ी की भूमिका पर चर्चा की है। टीम में मेरी भूमिका पूरी पारी के दौरान टिके रहना है और तेजी से रन बनाने वाले बल्लेबाज मेरे साथ खेल सकते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि एक छोर सुरक्षित है। शिखर धवन और सुरेश रैना ने आज जिस तरह की बल्लेबाजी की वह काबिले तारीफ है।’
 
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मजबूत स्कोर खड़ा करने के लिए अपने बल्लेबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘यह काफी अच्छा प्रदर्शन था। मैं अपनी बल्लेबाजी से काफी खुश हूं। यहां पहले बल्लेबाजी करना आसान नहीं है। गेंद उतनी आसानी से बल्ले पर नहीं आती। शुरुआत में थोड़ा असमान उछाल होता है लेकिन बाद में यह सहज हो जाता है।’ 
 
धोनी ने कहा, ‘विकेट पर समय बिताना महत्वपूर्ण है। विराट कोहली और शिखर धवन के बीच बड़ी साझेदारी हुई। और इसके बाद सुरेश रैना ने फायदा उठाया।’  
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच जीतने में नाकाम रहने के बाद आज की जीत से मिले आत्मविश्वास के बारे में पूछने पर धोनी ने कहा, ‘बीच में मिला ब्रेक महत्वपूर्ण था। विश्व कप अपने आप में ही आपको अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयार कर देता है।’
 
उन्होंने कहा, ‘प्रशंसकों से भी मदद मिली। हमारे यहां आने से पहले ही हमारी लाबी में काफी प्रशंसक थे और ऑस्ट्रेलियाई पूछ रहे थे कि क्या हो गया है। इससे मदद मिली।’
 
हमेशा धैर्य बनाए रखने से जुड़े एक प्रशंसक के सवाल के जवाब में धोनी ने कहा, ‘मैं अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं करता। वे मौजूद रहती हैं। मैं मैदान पर अधिक कुछ जताना पसंद नहीं करता।’
 
इस हार से निराश पाकिस्तान के कप्तान मिसबाह उल हक ने कहा कि बीच के ओवरों में जल्दी जल्दी तीन विकेट गिरने से मैच भारत के पक्ष में आ गया। उन्होंने कहा, ‘वे (भारत) काफी अच्छा खेले। उन्होंने बड़ा स्कोर खड़ा किया और काफी अच्छी गेंदबाजी की। बीच में तीन विकेट गंवाने से हम राह से भटक गए। पिच काफी अच्छी थी और उनकी बल्लेबाजी की प्रतिभा को देखते हुए 300 रन अच्छा प्रयास था।’ 
 
मिसबाह ने कहा कि अगर सभी बल्लेबाज योगदान देते और साझेदारी होती तो इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता था।
 
उन्होंने कहा, ‘अगर सभी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करते तो इसे हासिल किया जा सकता था। दो या तीन बल्लेबाज रन ही नहीं बना पाए और पहली कुछ गेंदों पर ही आउट हो गए। आप इस बारे में अधिक कुछ नहीं कह सकते। अब हमें अगले मैच पर ध्यान लगाना होगा।’ (भाषा)



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