शादी में मिला जीवनसाथी

मैंने चुना है तुझको

WDWD
आमतौर पर शादियाँ जीवनसाथी को तलाशने का एक बेहतर स्थान होता है। जब दो लोग सात फेरों के बंधन में बँधकर एक-दूजे के होते हैं तब उन लोगों के मन में भी प्रेम की तरंगे हिलोरे लेती है, जो अब तक अविवाहीत होते हैं।

शादी-ब्याह मेल-जोल बढ़ाने का एक अच्छा माध्यम है। पुराने समय में हमारे बड़े-बुर्जुग अपने अविवाहित बच्चों के लिए जीवनसाथी की तलाश इन्हीं समारोहों में करते थें। आज भी वहीं कार्य बदस्तूर जारी है।

अंतर बस इतना है कि कल ये कार्य हमारे बड़े-बुर्जुग करते थें और अब यहीं कार्य आजकल के युवक-युवतियाँ कर रहे हैं।

  शादी एक ऐसा समारोह होता है जहाँ आपके मित्र, परिवारजन व समाजजन सभी मौजूद होते हैं। ऐसे में युवाओं की पसंद पर बड़े-बुर्जुगों की स्वीकारोक्ति की मुहर आसानी से लग जाती है।      
* यहीं सही मौका है :-
विवाह समारोह ऐसा अवसर होते हैं, जिसमें परिवार के बच्चों से लेकर बुर्जुग तक सभी उत्साहित होते हैं। ये समारोह युवाओं के लिए एक बहुत अच्छा मौका होते हैं अपना जीवनसाथी चुनने का।

सज-धजकर युवा रस्मों के बहाने निगाहों ही निगाहों में एक-दूजे के हो जाते हैं। एक सर्वे के मुताबिक भारत की 52 प्रतिशत महिलाएँ शादी जैसे समारोह को जीवनसाथी चुनने का सही स्थान मानती है।

अधिकांश युवा लड़के भी शादियों में अपनी नई प्रेमिका की तलाश में जाते हैं। दोस्तों की शादी में छेड़खानी से शुरू हुई मीठी नोक-झोक कब में बदल जाती है और यह प्यार कब सात फेरों के रिश्तों में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता।

* मैंने तुझे चुन लिया है :-
निगाहों-निगाहों के इस प्यार में के तार जुड़ जाते हैं और हो जाता है सिलसिला शुरू लंबी मुलाकातों और देर रात की बातों का। कुछ ही मुलाकातों में दोनों की झिझक खत्म हो जाती है और दोनों एक-दूजे के हो जाते हैं।

चंद मुलाकातों व लुका-छिपी के इस प्यार का मजा ही कुछ और होता है। अपने प्रेमी का दिल जीतने के लिए शादी में विशेष तौर पर सजा-धजा जाता है।

गायत्री शर्मा|
शादी एक ऐसा समारोह होता है जहाँ आपके मित्र, परिवारजन व समाजजन सभी मौजूद होते हैं। ऐसे में युवाओं की पसंद पर बड़े-बुर्जुगों की स्वीकारोक्ति की मुहर आसानी से लग जाती है। यदि दुनिया के सामने दो लोग एक-दूजे के होने का एलान कर दें व अपना जीवनसाथी चुन ले तो इसमें हर्ज ही क्या है?



और भी पढ़ें :