अध्ययन कक्ष के लिए 10 वास्तु टिप्स, बच्चों का लगेगा पढ़ाई में मन

अनिरुद्ध जोशी| पुनः संशोधित बुधवार, 11 मार्च 2020 (12:41 IST)
वास्तु के अनुसार बना है तो बच्चों का में मन भी लगता है और उनमें क्रिएटिविटी का भी विकास होता है। आओ जानते हैं वास्तु के अनुार 10 टिप्स।

1. पूर्व, ईशा, उत्तर, वायव्य, पश्चिम और नैऋत्य में अध्ययन कक्ष बनाया जा सकता है। इसमें खासकर पूर्व, उत्तर और वायव्य उत्तम है।

2. अध्ययन करते समय दक्षिण तथा पश्चिम की दीवार से सटाकर पूर्व तथा उत्तर की ओर मुख करके बैठें। घर के उत्तर की ओर ही बच्चे का मुंह होना चाहिए।

3. अपनी पीठ के पीछे द्वार अथवा खिड़की न हो। अध्ययन कक्ष का ईशान कोण खाली हो।

4. तस्वीरें अध्ययन कक्ष भी उत्तर की दीवार पर लगी होना चाहिए।
5. अध्ययन कक्ष में मां सरस्वती का लगाएं या फिर हंस, वीणा या महापुरुषों की तस्वीर लगाई जा सकती है।

6. अध्ययन कक्ष में किसी हरे तोते का चित्र जरूर लगाएं जिससे बच्चे का पढ़ने में तुरंत ही मन लगने लगेगा।

7. घर के उत्तर की दीवार पर हरियाली, तोते या चहकते हुए पक्षियों का शुभ चित्र लगाएं। इससे घर के सभी सदस्यों की एकाग्रता बढ़ेगी।
8. इसके अलावा मोर, वीणा, कलम, पुस्तक, हंस या मछली के चित्र भी लगा सकते हैं।

9. कुछ वास्तुकार जंपिंग फिश, डॉल्फिन या मछलियों के जोड़े को लगाने की सलाह भी देते हैं। ध्यान रखें, उपरोक्त बताए से किसी एक का ही चित्र लगाएं।

10. अध्ययन कक्ष की दीवारों का रंग सफेद, पिंकिश या क्रिम ही रखें। गहरे रंगों से बचें।



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