ganesh chaturthi

वसंत पंचमी : आइए डालें एक नजर

Updated: शनिवार, 9 फ़रवरी 2019 (15:17 IST)
हिन्दू मान्यता के अनुसार वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन बिना मुहूर्त जाने शुभ और मांगलिक कार्य किए जाते हैं।
 
- वसंत पंचमी के दिन को मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। 
 
- यह दिन वसंत ऋतु के आरंभ का दिन होता है।
 
- देवी सरस्वती और ग्रंथों का पूजन किया जाता है।
 
- नव बालक-बालिका इस दिन से विद्या का आरंभ करते हैं।
 
- संगीतकार अपने वाद्ययंत्रों का पूजन करते हैं।
 
- स्कूलों और गुरुकुलों में सरस्वती और वेद पूजन किया जाता है।
 
* इस दिन बच्चों को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। 
 
* पितृ तर्पण किया जाता है। 
 
* कामदेव की पूजा की जाती है 
 
* विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। 
 
* पहनावा भी परंपरागत होता है। पुरुष कुर्ता-पाजामा में और स्त्रियां पीले या वासंती रंग की साड़ी पहनती हैं। 
 
* गायन और वादन सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं जो सरस्वती मां को अर्पित किए जाते हैं।

ALSO READ: वसंत पंचमी के बस यह 4 सरलतम मंत्र ही देंगे आपको विद्या का वरदान, पढ़ना न भूलें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख