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नोएडा एयरपोर्ट को मिला सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस, उड़ानों की शुरुआत का रास्ता हुआ साफ

Updated: शुक्रवार, 6 मार्च 2026 (19:30 IST)
- ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ने किया सुरक्षा मानकों का परीक्षण
- डीजीसीए से एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद शुरू हो सकेंगे फ्लाइट ऑपरेशंस
- योगी सरकार की पहल से प्रदेश को मिलेगा देश का सबसे आधुनिक एयरपोर्ट
Uttar Pradesh News : योगी सरकार के महत्वाकांक्षी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) परियोजना को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की ओर से सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस (Security Vetting Approval) मिल गया है। यह प्रक्रिया एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच के बाद पूरी की जाती है। इस मंजूरी के साथ ही अब डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिसके बाद यहां से फ्लाइट ऑपरेशंस शुरू किए जा सकेंगे।

प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाली इस परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ाया गया है। योगी सरकार का लक्ष्य जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे आधुनिक और बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल करना है, जो उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा।
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सुरक्षा मानकों की हुई विस्तृत जांच

यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन शुरू होने से पहले सुरक्षा मानकों का परीक्षण अनिवार्य होता है। इसके लिए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) की टीम एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली, एक्सेस कंट्रोल, यात्रियों और कार्गो की जांच व्यवस्था सहित कई पहलुओं का निरीक्षण करती है। सभी मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस दिया जाता है।
 

डीजीसीए लाइसेंस के बाद उड़ानें होंगी शुरू

सिक्योरिटी वेटिंग अप्रूवल का मतलब है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था उड़ान संचालन के लिए सुरक्षित मानी गई है। इसके बाद ही फ्लाइट शुरू होने की अंतिम प्रक्रिया आगे बढ़ती है। सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद अगला चरण डीजीसीए द्वारा एयरोड्रम लाइसेंस जारी करना होता है। यह लाइसेंस मिलने के बाद ही किसी एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन संभव होता है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने जेवर एयरपोर्ट को राज्य के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया है। यह एयरपोर्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए एक महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में उभर रहा है। सरकार का मानना है कि इसके शुरू होने से प्रदेश में निवेश, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
 

देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में होगा शामिल

योगी सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ कर उसे ऑपरेशनल करने का है। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई चरणों में विकसित किया जा रहा है।
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पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यह देश ही नहीं एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो जाएगा। इसकी क्षमता प्रतिवर्ष करोड़ों यात्रियों को संभालने की होगी और यह उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Edited By : Chetan Gour
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