एथनॉल पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर लगे रोक, किसानों के हित में सरकार के सकारात्मक निर्णयों का हो समर्थन
Ethanol Production India: भारतीय किसान यूनियन धनसिंह कोतवाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुर्जर ने एथनॉल नीति को लेकर फैल रही भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में सरकार द्वारा लिए जा रहे सकारात्मक निर्णयों का समर्थन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि एथनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में प्रत्यक्ष वृद्धि होगी और देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूत होगा।
पवन गुर्जर ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की आर्थिक समृद्धि के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है। एथनॉल उत्पादन में वृद्धि से गन्ना, मक्का और धान उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जहां बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं, वहां एथनॉल उद्योग के विस्तार से चीनी मिलों की क्षमता बढ़ेगी, गन्ने की मांग में इजाफा होगा और किसानों के वर्षों से लंबित भुगतान की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी। इससे किसानों को समय पर भुगतान और उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि एथनॉल केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी ऊर्जा संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। जैव ईंधन के रूप में एथनॉल का अधिक उपयोग प्रदूषण कम करने और स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।
गन्ने का समर्थन मूल्य 600 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग
पवन गुर्जर ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए केवल एथनॉल नीति पर्याप्त नहीं है। सरकार को आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का समर्थन मूल्य कम से कम 600 रुपए प्रति क्विंटल घोषित करना चाहिए। साथ ही, सभी प्रमुख कृषि उपजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर फसल न बेचनी पड़े।
नितिन गडकरी को सौंपेंगे ज्ञापन
उन्होंने बताया कि भारतीय किसान यूनियन धनसिंह कोतवाल का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर एथनॉल के समर्थन में ज्ञापन सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, वरिष्ठ पदाधिकारी और किसान प्रतिनिधि शामिल होंगे। संगठन एथनॉल नीति को और अधिक किसान हितैषी बनाने के सुझाव भी सरकार के समक्ष रखेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में वाहन निर्माताओं के साथ समन्वय कर E50 या उससे अधिक एथनॉल मिश्रण वाले वाहनों के निर्माण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
किसानों के हित में संघर्ष जारी रहेगा
पवन गुर्जर ने स्पष्ट किया कि भारतीय किसान यूनियन धनसिंह कोतवाल किसी राजनीतिक दल से जुड़ा संगठन नहीं है। संगठन किसान, मजदूर और नौजवानों के अधिकार एवं सम्मान के लिए कार्य करता है। किसानों के हित में सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का समर्थन किया जाएगा, जबकि किसान विरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में सरकार की कोई नीति किसानों, मजदूरों या नौजवानों के हितों के विरुद्ध होती है तो संगठन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप उसका सशक्त विरोध करेगा। संगठन का उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना, उन्हें सम्मान दिलाना और उनके सामाजिक एवं आर्थिक जीवन को मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि देश का किसान आज भी अपनी मेहनत से देश का पेट भर रहा है। इसलिए सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर भुगतान, सस्ती खाद-बीज, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलना चाहिए। संगठन किसानों से जुड़े मुद्दों पर लगातार जमीनी स्तर पर काम करता रहेगा और आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाता रहेगा।
अंत में पवन गुर्जर ने कहा कि एथनॉल जैसे महत्वपूर्ण विषय पर जनता तक तथ्यात्मक और सही जानकारी पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि किसानों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न फैले और वे सही जानकारी के आधार पर अपने भविष्य से जुड़े निर्णय ले सकें।

