Tokyo Olympics: पहलवान दीपक पुनिया के हाथ से फिसला कांस्य पदक

Last Updated: गुरुवार, 5 अगस्त 2021 (18:27 IST)

कांटे के मुकाबले में दीपक पुनिया कांस्य पदक हार गए। अपने प्रतिद्वंदी से 2-1 से आगे रहे दीपक अंतिम 10 सेकेंड में 2 अंक गवा बैठे और 2-4 से हार गए।



भारतीय दीपक पूनिया अपने ओलंपिक पदार्पण में गुरूवार को यहां कांस्य पदक जीतने के करीब पहुंचे लेकिन 86 किग्रा के प्ले-ऑफ में सैन मरिनो के माइलेस नज्म अमीन के अंतिम 10 सेकेंड में पटखनी देने से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

दीपक का रक्षण पूरे मुकाबले के दौरान शानदार था लेकिन सैन मरिनो के पहलवान ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में भारतीय पहलवान का दायां पैर पकड़कर उन्हें गिराकर निर्णायक दो अंक हासिल किये।

इससे पहले 22 साल का भारतीय पहलवान 2-1 से आगे चल रहा था।दीपक अच्छे ड्रा का फायदा उठाकर तक पहुंचे लेकिन अमेरिका के डेविड मौरिस टेलर से सेमीफाइनल में हार गये।

इससे पहले दीपक पूनिया ने अपने ओलंपिक अभियान की मजबूत शुरुआत करते हुए बुधवार को यहां ओलंपिक की कुश्ती स्पर्धा के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया था।

86 किग्रा वर्ग में नाइजीरियाई पहलवान के पास ताकत थी लेकिन पूनिया के पास तकनीक थी और वह भारी पड़ी । लिन के खिलाफ हालांकि उन्हें परेशानी पेश आई । उन्होंने 3 . 1 की बढत बनाई लेकिन लिन ने 3 . 3 से वापसी की । रैफरी ने थ्रो के लिये दीपक को दो अंक दिये लेकिन चीनी पहलवान ने इसे चुनौती दी और सफल रहे।दस सेकंड बाकी रहते पूनिया ने लिन के नीचे से घुसकर उसके पैर पकड़ लिये और हवा में उछालकर दो अंक के साथ मुकाबला जीत लिया था।

रवि दहिया ने जो करिश्मा सेमीफाइनल में दोहराया वह दीपक पुनिया दोहराने में नाकामयाब रहे थे। 86 किलोग्राम वर्ग में उन्हें अमेरिका के ने हराया था।


हारकर भी पूनिया ने जीता देश का दिल: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने से चूक गए भारतीय पहलवान दीपक पूनिया के प्रदर्शन की बृहस्पतिवार को सराहना की और कहा कि वह प्रतिभा और साहस के ‘‘पावरहाउस’’ हैं।

पूनिया बृहस्पतिवार को पुरुषों के 86 किग्रा के प्ले-ऑफ में कांस्य पदक जीतने के करीब पहुंचे लेकिन सैन मारिनो के माइलेस नज्म अमीन के अंतिम 10 सेकेंड में पटखनी देने से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘दीपक पूनिया कांस्य से चूक गए लेकिन उन्होंने हम सभी का दिल जीत लिया। वह साहस और प्रतिभा के पावरहाउस हैं। भविष्य के लिए उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं।’’



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