अर्जेंटीना को नाकों चने चबवाने वाली हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल से PM मोदी ने कहा, 'आप पर गर्व है'
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टोक्यो ओलंपिक में खेलने वाली भारतीय महिला हाकी टीम की कप्तान रानी रामपाल से आज बात की और कहा कि टीम ने ओलंपिक में दृढता और जबरदस्त कौशल के साथ प्रदर्शन किया है तथा उन्हें खिलाड़ियों पर गर्व है।
महिला हाकी टीम की टोक्यो ओलंपिक में बुधवार को सेमीफाइनल में अर्जेन्टीना के हाथों हार के बाद प्रधानमंत्री ने रानी रामपाल और टीम के कोच से बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें खिलाड़ियों पर गर्व है और वह उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों में जबरदस्त कौशल है और उन्होंने बड़े परिश्रम के साथ प्रदर्शन किया तथा अब उन्हें आगे देखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हार और जीत जीवन का हिस्सा है और खिलाड़ियों को दिल नहीं तोड़ना चाहिए।
उन्होंने ट्वीट किया , “ टोक्यो ओलंपिक को हमारी हाकी टीमों के शानदार प्रदर्शन के लिए याद किया जायेगा। आज और पूरे खेलों के दौरान हमारी हाकी टीम ने दृढता तथा जबरदस्त कौशल के साथ खेल दिखाया । टीम पर गर्व है। आगे के खेलों तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं। ”
One of the things we will remember #Tokyo2020 for is the stupendous performance by our Hockey teams.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 4, 2021
Today and through the Games, our Womens Hockey team played with grit and showcased great skill. Proud of the team. Best of luck for the game ahead and for future endeavours.
उल्लेखनीय है कि महिला हॉकी टीम अर्जेंटीना के खिलाफ बढ़त बनाने के बावजूद टोक्यो ओलम्पिक की हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में बुधवार को 1-2 से हार गयी और अब वह कांस्य पदक के लिए ग्रेट ब्रिटेन की टीम से खेलेगी।
महिला हॉकी टीम ने साहसिक प्रदर्शन किया लेकिन वह विश्व में दूसरे नंबर की टीम अर्जेंटीना को जीत से नहीं रोक पायी।भारत के पास अभी भी कांस्य पदक जीतने का मौका है जिसके लिये शुक्रवार को उसका सामना तीसरे चौथे स्थान के मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन से होगा।
भारत के लिये गुरजीत कौर ने दूसरे मिनट में गोल किया लेकिन अर्जेंटीना के लिये कप्तान मारिया बारियोनुएवा ने 18वें और 36वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर तब्दील किये।
इससे पहले भारतीय टीम ने तीन बार की चैम्पियन आस्ट्रेलिया को क्वार्टर फाइनल में 1 . 0 से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई थी । भारतीय टीम 1980 के मास्को ओलंपिक में छह टीमों में चौथे स्थान पर रही थी । उस समय पहली बार ओलंपिक में महिला हॉकी को शामिल किया गया था और राउंड रॉबिन प्रारूप में मुकाबले खेले गए थे।
महिला हॉकी टीम ने इस टोक्यो ओलंपिक में गजब की वापसी की है। 3 मैच लगातार हारकर सेमीफाइनल में पहुंचना एक अद्भुत बात है। पहला मैच नीदरलैंड से 1-5 से हारने के बाद जर्मनी ने भारतीय टीम को 3-0 से हराया। इसके बाद ग्रेट ब्रिटेन ने 3-1 से भारतीय महिला हॉकी टीम को हराया।
हार का घूंट पीने के बाद भारत ने पहली जीत आयरलैंड के खिलाफ 1-0 से अर्जित की। अगले मैच में दक्षिण अफ्रीका से भारत 4-3 से जीता। इसके बाद क्वार्टरफाइनल में ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
प्रधानमंत्री मोदी टोक्यो ओलंपिक शुरु होने से पहले ही लगातार खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा रहे है। जब पुरुष टीम बेल्जियम के हाथों 5-2 से सेमीफाइनल हारी थी तो मोदी ने हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह से बात करके उनको ढांढस बंधाई थी और कहा था कि दिल छोटा करने की कोई जरूरत नहीं है आप ब्रॉन्ज मेडल के मैच पर ध्यान केंद्रित करें।
