मेरे अश्कों ने दिया
Written By: WD
Updated: Fri, 22 Aug 2008 (14:37 IST)
मेरे अश्कों ने दिया रुतबा मुझे इंसान होने का,
ग़म से पत्थर हो गया होता अगर रोता नहीं।
अज़ीज़ अंसारी
अश्कों----आंसूओं
रुतबा----सम्मान, पद
ग़म से पत्थर हो गया होता अगर रोता नहीं।
अज़ीज़ अंसारी
अश्कों----आंसूओं
रुतबा----सम्मान, पद
- वेबदुनिया पर पढ़ें :
- समाचार
- बॉलीवुड
- ज्योतिष
- लाइफ स्टाइल
- धर्म-संसार
- महाभारत के किस्से
- रामायण की कहानियां
- रोचक और रोमांचक
