Aaj ka sher saki | मुसीबत सरहदों पर सर उठाती है
मुसीबत सरहदों पर सर उठाती है तो माँओं के,
उतरकर सर से हाथों में दुपट्टे फैल जाते हैं - क़मर साक़ी
उतरकर सर से हाथों में दुपट्टे फैल जाते हैं - क़मर साक़ी

