बजट झटका और टैरिफ राहत— 6 दिन में ऐसे घूम गया शेयर बाजार का मूड
Share Market Review Market ki Baat : शेयर बाजार के लिए 6 दिन वाला यह कारोबारी हफ्ते बेहद उतार चढ़ाव भरा रहा। पहले बजट की वजह से बाजार में भारी गिरावट आई तो बाद में अमेरिकी टैरिफ के घटने से बाजार में जबरदस्त उछाल भी आया। इस हफ्ते सेंसेक्स 3362 अंक बढ़ा और इसमें 2051 अंकों की गिरावट आई। इसी तरह निफ्टी भी 1001 अंक उछला और इसमें 628 अंक की गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स 1311 और निफ्टी में 373 अंक बढ़ा।
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
इस बार बजट की वजह से रविवार को भी शेयर बाजार में काम हुआ। बजट में एसटीटी बढ़ने की वजह से सेंसेक्स 1,547 अंक गिरकर 80,723 पर पहुंच गया जबकि निफ्टी भी 495 अंकों की गिरावट के साथ 24,825 पर बंद हुआ। सोमवार को बाजार ने रिकवरी की और सेंसेक्स 944 अंक बढ़कर 81,666 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 263 अंक के उछाल के साथ 25,088 पर जा पहुंचा।
ट्रंप के ट्रेड डील और टैरिफ संबंधी फैसले से मंगलवार को बाजार में जबरदस्त उछाल आया। सेंसेक्स 2,073 अंक बढ़कर 83,739 पर बंद हुआ तो निफ्टी भी 639 अंक के उछाल के साथ 25,728 पर पहुंचा। बुधवार को शेयर बाजार फ्लेट ही बंद हुआ। सेंसेक्स मात्र 79 अंक की बढ़त थी तो निफ्टी भी केवल 48 अंक ही बढ़ा। गुरुवार को सेंसेक्स 504 अंक गिरकर 83314 पर बंद, निफ्टी भी 133 अंक की गिरावट के साथ 25643 पर पहुंचा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 266 अंक बढ़कर 83580 पर बंद हुआ। निफ्टी 51 अंक बढ़कर 25694 पहुंच गया।
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल
शेयर बाजार पर इस हफ्ते बजट, भारत अमेरिका ट्रेड डील, ट्रंप टैरिफ के साथ ही रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का असर दिखा। डॉलर के मुकाबले रुपए में मजबूती दिखी। शेयर बाजार में फ्यूचर और ऑपशंस पर टैक्स बढ़ाने का फैसला भी निराशाजनक है।
एनएसई के आईपीओ को मंजूरी
एनएसई बोर्ड ने उसे आईपीओ लाने की मंजूरी दे दी। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल होगा। यानि कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि प्रस्तावित आईपीओ शेयर बाजार के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम में से एक हो सकता है। ग्रे मार्केट में एनएसई का मूल्यांकन 5 लाख करोड़ से ज्यादा है।
कैसा रहेगा अगला हफ्ता
शेयर बाजार विशेषज्ञ सागर अग्रवाल ने बताया कि ट्रेड डील और टैरिफ संबंधी फैसला शेयर बाजार के लिए सकारात्मक रहा। इसकी वजह से एक दिन बाजार में भारी तेजी आई थी। इसके बाद बाजार फिर रेंज बाउंड ही रहा।
उन्होंने कहा कि बाजार के मार्च तक दबाव में ही रहने की आशंका है। वैश्विक स्तर पर अभी भी तनाव बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा बना हुआ है। टैरिफ की वजह से कई बड़ी कंपनियों के र्क्वाटर रिजल्ट भी प्रभावित हुए हैं।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।